इसलिए बना हमीरपुर महान हर मोड़ पर राष्ट्रीय संस्थान

संसदीय क्षेत्र के विकास की प्रो. धूमल के बाद अनुराग ठाकुर ने उठाई जिम्मेदारी

हमीरपुर – हिमाचल में हमेशा अप्पर और लोअर हिमाचल के नाम पर सियासत होती रही। इस खींचतान में कई बार बहुत से प्रोजेक्ट डिले भी हुए। कुछ शिमला से कांगड़ा पहुंच गए तो कुछ कांगड़ा से शिफ्ट होते-होते रह गए। अप्पर-लोअर के इस खेल में हमीरपुर, बिलासपुर और ऊना जैसे छोटे-छोटे जिले चुपचाप ग्रो करते रहे। बड़ी बात यह है कि राष्ट्र स्तर के बड़े संस्थान इन जिलों में खुलते रहे। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की बात करें तो यह हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना, मंडी और कांगड़ा जिले तक फैला हुआ है। 17 विधानसभा क्षेत्रों वाले हमीरपुर संसदीय क्षेत्र को यह ख्याति प्राप्त है कि प्रदेश में खुले राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी पार्लिमेंट्री में हैं। हमीरपुर को जो एजुकेशनल हब कहा जाता है, उसमें इन्हीं संस्थानों का बहुत बड़ा योगदान है। हमीरपुर पार्लिमेंट्री के राष्ट्रीय संस्थानों में एनआईटी (नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) हमीरपुर, आईआईआईटी ऊना, आईएचएम (इंस्टीच्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट), सेंट्रल यूनिवर्सिटी देहरा, ऊना के लिए मंजूर पीजीआई का सेटेलाइट सेंटर, बिलासपुर के लिए मंजूर हुआ हाइड्रो इंजीनियरिंग कालेज,  एम्स और आकाशवाणी केंद्र हमीरपुर शामिल हैं। इन संस्थानों को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने हिसाब से क्लेम करती रहती हैं, लेकिन यह भी सत्य है कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की कायापलट करने में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल का बहुत योगदान रहा है। फिर चाहे वह बतौर सीएम रहे हों या हमीरपुर से सांसद। इन राष्ट्रीय संस्थानों के यहां आने का सिलसिला वर्ष 2002 में उस वक्त शुरू हुआ था, जब धूमल प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। आरईसी को एनआईटी का दर्जा भी उनके कार्यकाल में मिला। उसके बाद यहां धड़ाधड़ राष्ट्र स्तर के बड़े संस्थान खुलते रहे। यहां पूर्व सीएम के पुत्र अनुराग ठाकुर जब सांसद बने तो उन्होंने भी अपने पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए यह सिलसिला जारी रखा। आईआईआईटी, सेंट्रल यूनिवर्सिटी, एम्स, पीजीआई का सेटेलाइट सेंटर, एम्स और हाईड्रो इंजीनियरिंग कालेज इस  क्षेत्र के लिए मंजूर करवाकर अनुराग ठाकुर ने यह बता दिया कि जो रेखा उनके पिता ने खींची थी, उसे उन्होंने और लंबा किया है। इसमें कोई दोराय नहीं कि भारतीय जनता पार्टी के सांसदों ने हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में अथाह विकास करवाया। शायद यही वजह रही कि पिछले करीब 25 वर्षों से यहां बीजेपी के सांसद ही सत्तासीन रहे।

संसदीय क्षेत्र में ये संस्थान स्थापित

हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में राष्ट्र स्तर के इन सरकारी संस्थानों के अलावा हिमाचल प्रदेश तकनीकि विश्वविद्यालय, करियर प्वाइंट यूनिवर्सिटी, इंडस इंटरनेशनल यूनिविर्सिटी ऊना, इंजीनियरिंग कालेज और पिछले कुछ वर्षों में खुले पांच केंद्रीय विद्यालय भी शामिल हैं। इसके अलावा दर्जनों की संख्या में यहां प्राइवेट और सरकारी स्कूल खोले गए हैं।

25 साल से भगवा रंग में रंगा हमीरपुर

लोकसभा चुनावों को लेकर शोर आजकल चरम पर है। लोगों की अपेक्षाएं हमेशा अपने-अपने हिसाब से सियासतदानों से रहती हैं। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में स्थापित ये राष्ट्र स्तर के बड़े संस्थान और अन्य इंस्टीच्यूट सियासत का रुख किस ओर ले जाते हैं, यह कहना तो अभी जल्दबाजी होगा, लेकिन हमीरपुर पर 25 वर्षों से चढ़े भगवा रंग को एकदम उतार पाना किसी चुनौती से कम नहीं है।

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