इस साल एक लाख गांंवों में शक्ति केंद्र

एकल अभियान कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने दी जानकारी

शिमला -एकल अभियान कार्यक्रम संपूर्ण देश के साथ-साथ प्रदेश में भी शिक्षित, स्वस्थ, समर्थ व स्वाभिमानी भारत की कल्पना को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।  शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने एकल अभियान की तीन दिवसीय प्रभाग कार्यशाला में अपने संबोधन में यह विचार पंचायत भवन में व्यक्त किए। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि एकल अभियान के तहत नवंबर तक देश के एक लाख गांव को शक्ति केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2022 तक चार लाख गांवों को इसमें सम्मिलित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा, स्वास्थ्य शिक्षा, ग्राम शिक्षा, जागरण शिक्षा व जीवन मूल्य एवं संस्कार शिक्षा प्रदान कर जिम्मेदार और जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में एकल अभियान कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस तीन दिवसीय कार्यशाला के दौरान सामने आने वाले विचारों को प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में क्त्रियान्वित किया जाएगा, ताकि गुणवत्ता युक्त एवं संस्कार शिक्षा का प्रदेश में और अधिक प्रसार हो सके। शिक्षा मंत्री ने विश्वास जताया कि ऐसे अभियानों से नशाखोरी जैसी समस्या से भी निजात मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा नशाखोरी में ना पड़कर अपनी ऊर्जा प्रदेश व देश के लिए रचनात्मक सहयोग प्रदान करने में करें। प्रदेश सरकार भी इस दिशा में प्रयासरत है। एकल अभियान टोली के सदस्य व उत्तर क्षेत्र के दायित्व प्रमुख देशराज ठाकुर ने कहा कि इस प्रभाग कार्यालय कार्यशाला में चार प्रांतों पंजाब, हरियाणा, राजस्थान व हिमाचल प्रदेश के 80 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 8200 गांव में एकल विद्यालय कार्य कर रहे हैं, जबकि भारत वर्ष में 86 हजार एकल विद्यालय शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।

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