ई-टेंडरिंग के खिलाफ प्रधान संघ मुखर

रामपुर बुशहर—ई-टेंडरिंग के खिलाफ  प्रधान संघ रामपुर ने मोर्चा खोला दिया है। पंचायती राज विभाग द्वारा पंचायतों में एक लाख रुपए से अधिक के कार्यों को ई-टेंडरिंग के जरीए करवाने पर पंचायत प्रधान परिषद ने रोष जताया है। परिषद ने सरकार से तुरंत इस निर्णय पर रोक लगाकर पूर्व की तरह चार लाख रुपए से अधिक के कार्यों की ई-टेंडरिंग करवाने की मांग की है। इस संबंध में परिषद ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भी एक ज्ञापन भेजा है। मंगलवार को इसी संबंध में पंचायत प्रधान परिषद की बैठक रामपुर समिति हॉल में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता परिषद के प्रधान विरेंद्र भलूनी ने की। इस दौरान सरकार द्वारा हाल में लिए गए पंचायत में ई-टेंडरिंग के जरीए कार्य करने के निर्णय पर बैठक में मौजूद सभी प्रधानों ने अपनी असहमति जताई। पंचायत प्रधानों का कहना है कि यदि एक लाख रुपए से अधिक के कार्य ई-टेंडर के जरीए करवाए गए तो पंचायत के स्थानीय लोगों को रोजगार से वंचित रहना पड़ेगा। बाहरी क्षेत्रों से आए ठेकेदार ही पंचायतों के लिए स्वीकृत हुए कार्यों को कर पाएंगे और स्थानीय बेरोजगार कार्यों से महरूम हो जाएंगे। परिषद प्रधान विरेंद्र भलूनी ने कहा कि सरकार द्वारा लिया गया ई-टेंडरिंग का निर्णय जनहित में नहीं हैए इसे तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए और पूर्व की तरह चार लाख रुपए से अधिक के कार्यों के ही ई-टेंडर करवाए जाएं। इस मौके पर पंचायत प्रधान लालसा रामकुमार शर्मा, प्रधान देवठी इंदुबाला, प्रधान शाहधार सुमन बिष्ट, प्रधान भड़ावली सत्या कायथ, प्रधान शिंगला विमला शर्मा, प्रधान डंसा पदमा कुमारी,  प्रधान मुनिश बाहली विजय लक्ष्मी, प्रधान कूहल मैना देवी, प्रधान दत्तनगर वीना, प्रधान नीरथ रीता, प्रधान लबाना सदाना अनिता कुमारी, प्रधान दोफदा आशु देवी, प्रधान रचोली लाल चंद, प्रधान कूट विजय सिंह, सरपारा प्रधान ज्ञान सिंह और प्रधान देवनगर महेंद्र सिंह मौजूद रहे।

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