ई-टेडरिंग को रद्द करे सरकार

पंचरुखी—पंचायती राज में ई- टेडरिंग के विरोध व वेतनमान में वृद्धि के साथ पेंशन सुविधा को लेकर  खंड पंचरुखी के तहत पंचायत प्रधान लामबंद हो गए हैं। पंचायत प्रधान ने  अफसरशाही  द्वारा मुख्यमंत्री को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह प्रदेश के हित में नहीं है । प्रधानों ने ई-टेंडरिंग को रद्द करने व वेतनमान व पेंशन सुविधा की मांग की है।  लदोह पंचायत  प्रधान चैन  सिंह ने कहा कि  सरकार  को यह निर्णय  पंचायतों में लागू नहीं करना चाहिए। पंचायतों में 60 फीसदी भाग स्थानीय मजदूरों के वेतन का तय किया है। उन्होंने कहा कि  लोक निर्माण विभाग व आईपीएच की तर्ज में पंचायती राज में ई- टेंडरिंग प्रक्रिया जारी करने  से स्थानीय ग्रामीणों के रोजगार के अवसर छीन जाएंगे।  उन्होंने कहा कि सरकार फंड समय पर खर्च किए जाने की आड़ में ई-टेंडरिंग  को लागू कर रही है, जबकि फंड खर्च में विभाग जिम्मेदार है ।  उन्होंने कहा कि पंचायतों  के निर्माण  की तर्ज पर अन्य  विभागों में  काम की तीन-तीन बार जियो टैगिंग नहीं की जाती है। उन्होंने  कहा कि सरकार इस निर्णय को रद्द  करे। पंचायत प्रतिनिधियों सहित लोगों मे मंत्रिमंडल की ओर से पारित  विभाग की भेजने का कड़ा विरोध किया है । उनका कहना है कि 73वें संशोधन के तहत दी गई  शक्तियां जो पंचायतों को ज्यादा स्वायत्तता देनी की बात करती है । उन्होंने पंचायतों में ठेकेदारी प्रथा को समाप्त करने की मांग की है । पंचायतों में विकास कार्यो में देरी का कारण स्टाफ की कमी है ।

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