ई-पास पोर्टल से हुई छेड़खानी

स्कॉलरशिप घोटाले की प्रारंभिक जांच में खुलासा, कई कर्मचारी सीबीआई के राडार पर

शिमला —स्कॉलरशिप घोटाले मामले में निजी शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारी और कर्मचारियों पर भी गाज गिर सकती है। सीबीआई सूत्रों से मिली जानाकरी के मुताबिक शिक्षा विभाग में छात्रों के लिए तैयार किए गए ई-पास पोर्टल से भी छेड़खानी की गई है। प्रदेश सरकार द्वारा पहली जांच रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है। इसे देखते हुए अब सीबीआई कभी भी उच्च शिक्षा विभाग के ऐसे अधिकारी और कर्मचारी, जिन्होंने पोर्टल के साथ छेड़खानी की, उनसे पूछताछ कर सकती है। हालांकि सीबीआई अभी पहले चरण में निजी शिक्षण संस्थानों से रिकार्ड कब्जे में ले रही है, लेकिन आने वाले दिनों में शिक्षा विभाग की स्कालरशिप ब्रांच के अधिकारियों सहित कर्मचारियों पर भी गाज गिर सकती है। उल्लेखनीय है कि सीबीआई इस घोटाले की जांच में तेजी ला रही, जिसके चलते  प्रदेश सहित अन्य राज्यों में संचालित निजी शिक्षण संस्थानों को खौफ सताने लगा है। इस मामले में कई बडे़ शिक्षण संस्थान जांच के दायरे में हैं। बताया गया कि शिमला पुलिस ने शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर जो एफआईआर दर्ज की थी, उसमें भी कुछ निजी शिक्षण संस्थानों के नामों का उल्लेख किया गया था। इसके बाद कुछ संस्थानों के प्रतिनिधि सचिवालय भी पहुंचे थे। स्कॉलरशिप घोटाला देश के कई राज्यों में फैला हुआ है। कई राष्ट्रीयकृत बैंक भी इसमें शामिल हैं। शिक्षा विभाग द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में पाया गया था कि कई निजी शिक्षण संस्थानों ने फर्जी एडमिशन दिखाकर सरकारी धनराशि का गबन किया है।

कई संस्थानों से कम्प्यूटर-सॉफ्टवेयर जब्त

50 करोड़ के स्कॉलरशिप घोटाले की जांच को आगे बढ़ाते हुए सीबीआई ने मंगलवार को प्रदेश के कई निजी शिक्षण संस्थानों में एक बार फिर से दबिश दे दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिला सिरमौर के कालाअंब, जिला बिलासपुर, जिला सोलन के कुछ निजी शिक्षण संस्थानों से सीबीआई ने कम्प्यूटर और सॉफ्टवेयर भी जब्त कर दिए हैं। बताया गया कि चंडीगढ़ और जालंधर स्थित तीन निजी शिक्षण संस्थानों में भी सीबीआई ने दबिश दी है। ऐसे 22 शिक्षण संस्थान हैं जहां पर छात्रों की स्कॉलरशिप को हड़पने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

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