उपचुनाव की परीक्षा कैसे पास करेगी कांग्रेस

हाइकमान में हो रही उथल-पुथल का होगा हिमाचल में भी असर

शिमला – हवा-हवाई प्रचार के बूते खुद को सशक्त बताने वाली कांगे्रस धरातल पर कमजोर है। लोकसभा चुनाव के नतीजों ने यह दिखा दिया है कि यहां पर कांगे्रस अंदर से पूरी तरह खोखली हो चुकी है। गुटबाजी के भंवर में नेता एक दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिशें कर रहे हैं और कहीं न कहीं उनकी बड़ी हार का यह एक बड़ा कारण है। लोकसभा के बाद अब उपचुनाव की परीक्षा कांग्रेस के सामने है, कार्यकर्ताओं का मनोबल पूरी तरह से टूट चुका है, जिसके बाद संगठन को वापस खड़ा करने की अहम चुनौती कांगे्रस के सामने प्रदेश में खड़ी हो गई है। कांगे्रस के नेताओं के सामने यह मौका ऐसा है कि वह कुछ बोल भी नहीं सकते, क्योंकि कोई नेता ऐसा नहीं, जिसका यहां पर जलवा दिखा हो या फिर उनके क्षेत्रों से भाजपा को लीड न मिली हो। विधानसभा के चुनाव में हार का सामना करने के बाद लोकसभा में भी अपनी कमियों के कारण कांग्रेस ने मुंह की खाई है। कांगे्रस की इस तरह की हार इतिहास में दर्ज हो गई है, जिसे अब हटाया नहीं जा सकता। उसके सामने सबसे बड़ा मसला संगठन को फिर से खड़ा करने का है, क्योंकि आज कांग्रेस का हाइकमान भी टूट चुका है और वहां मची उथल-पुथल का असर हिमाचल में भी देखने को मिलेगा। राहुल गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की है, वहीं कई राज्यों के अध्यक्षों ने इस्तीफे दे भी दिए हैं, परंतु हिमाचल में अभी कांग्रेस के सभी नेता मौन हो चुके हैं। यहां अध्यक्ष की ताजपोशी भी कुछ समय पहले ही हुई थी, लिहाजा हार का ठीकरा किस पर फोड़ा जाए, इसका भी अभी कोई पता नहीं है। वीरभद्र सिंह ने प्रचार की कमान संभाली हुई थी, लेकिन वह भी हैरान हैं कि आखिर इतनी बड़ी हार कैसे हो गई।  वह खुद भी इसकी जिम्मेदारी नहीं ले रहे और न ही कांगे्रस का कोई दूसरा नेता जिम्मेदारी लेने आगे आ रहा है, जबकि यह सामने है कि हर नेता अपने-अपने क्षेत्रों में ही पिट गया। इन परिस्थितियों में अब कांगे्रस पार्टी क्या करेगी, इस पर मंथन की जरूरत है।

उपचुनाव पर नजर

बार-बार गुटबाजी को खत्म करके एक होने की बात करने वाली कांग्रेस इस हार से सबक लेगी यह कहा नहीं जा सकता। फिलहाल कांग्रेस के नेता चिरनिद्रा में चले गए हैं जबकि छह महीने में यहां दो उपचुनाव होने हैं। उस समय कांगे्रस की स्थिति क्या होगी, इस पर अभी से संगठन के नेताओं को विचार करने की जरूरत है।

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