उफ! ये गर्मी

जवाली -जवाली में पारा 38 डिग्री से पार हो गया है तथा गर्मी से मानव व पशु पक्षी सभी का हाल बेहाल है। सड़कों पर सुबह दस बजे के बाद वाहनों की आवाजाही बंद हो जाती है तथा सायं करीब छह बजे के बाद ही वाहनों को देखा जाता है। मात्र सड़कों पर बस व ट्रक ही दौड़ते मिलते हैं तथा इनके चालक भी पसीना पौंछते ही देखे जाते हैं। बसें भी खाली ही दौड़ रही हैं क्योंकि गर्मी के कारण लोग घरों में दुबक जा रहे हैं। कोई भी घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं कर पा रहा है। अगर कोई दोपहिया वाहन चालक वाहन चलाते मिलता है, तो उसने सिर पर गीला कपड़ा लिया होता है। गर्मी के कारण बुखार, उल्टियां व दस्त जैसी बीमारियां फैल रही हैं। अस्पतालों में भी अब मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। दोपहर के समय पेड़ पौधों के पत्ते भी सूखे हुए दिखाई पड़ते हैं। कड़कती गर्मी से निजात पाने के लिए लोग शीतल पेय, गन्ने का रस व नींबू पानी सहित गोल गप्पे इत्यादि का सहारा ले रहे हैं।  गर्मी के कारण सब्जी, फल व मिठाई वाली दुकानों के मालिकों को उक्त सामान खराब होने से काफी परेशानी हो रही है। 

कोल्ड ड्रिंक-कुल्फी की डिमांड

बाजारों में भी कोल्ड डिं्रक, कुल्फी, जूस, गोल गप्पे के साथ-साथ विभिन्न तरह की ठंडी वस्तुओं की डिमांड बढ़ने लगी है। किसान भी दिन के समय खेतों को छोड़ कर घर मंे आराम फरमाने लगे हैं। वहीं, पशु पक्षी भी   धूप से बचने के लिए छांव का सहारा ले रहे हैं।

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