ऊना… करोड़ों लील गई बेरहम आग

ऊना-जिला में आग का तांडव रुकने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार आग की घटनाएं सामने आ रही हैं। जिला में लगातार बढ़ रहे तापमान में चलते इस तरह की घटनाओं का कारण भी बन रहा है। वहीं, लोगों की लापरवाही भी सामने आ रही है। इसके चलते करोड़ों का नुकसान हुआ है। एक अनुमान के अनुसार रोजाना जिला में आग की दो से तीन घटनाएं सामने आ रही हैं। अब तक बेरहम आग ऊना जिला में करोड़ों रुपए की संपत्ति राख कर चुकी है। सबसे ज्यादा आग की घटनाएं प्रवासी मजदूरों की झुग्गियों में हुई हैं। अब तक जिला भर में करीब 300 झुग्गियां राख हो गई हैं। इनमें करीब दो करोड़ का नुकसान का अनुमान है। वहीं, टाहलीवाल में एक औद्योगक क्षेत्र में हुई आग की घटना में करीब 15 करोड़ का नुकसान हुआ था। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र टाहलीवाल में ही हुई आग की घटना ने एक तीन वर्षीय दूधमुंही बच्ची को अपना ग्रास बनाया। बता दंे कि जिला का तापमान गर्मियों में 45 डिग्री तक पहुंच जाता है। इतने ज्यादा तापमान में एक छोटी सी चिंगारी भी विकराल आग का रूप धारण कर लेती है। तापमान में बढ़ोतरी भी आग का मुख्य कारण माना जा रहा है। इसके लिए आम जनता को सावधनी बरतनी होगी। उल्लेखनीय है कि गत अप्रैल माह में ही ऊना जिला में आग की करीब 20 घटनाएं हुईं। वहीं, करीब आधा दर्जन आग की घटनाएं मई माह में घट चुकी हैं। गत माह अंब व टाहलीवाल फायर स्टेशन के तहत आग की छह-छह घटनाएं हुईं। जबकि ऊना फायर स्टेशन के तहत आग की आठ घटनाएं घटित हुईं। झुग्गियां, उद्योग व गेहूं की फसल को आग ने अपना टारगेट बनाया है। इसमें अकेले टाहलीवाल में स्थित उद्योग को ही आग से करीब 15 करोड़ का नुकसान हुआ है। जोकि हिमाचल में आग से किसी एक फर्म को सबसे ज्यादा नुकसान है। इसके अलावा सोमवार रात को ऊना मुख्यालय पर पुराना होशियारपुर रोड पर लालसिंगी में प्रवासी मजदूरों की झुग्गियां जलकर राख हो गई। इसमें भी करीब तीन लाख रुपए के नुकसान का अनुमान है।

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