एंबुलेंस खराब न होती तो बच जाती जान

डलहौजी—प्रदेश के अस्पतालों में जीवनदायिनी के तौर पर सेवाएं देने वाली 108 एंबुलेंस सेवा के बीच राह में हांफ जाने की कीमत विशाल शर्मा को अपनी जान देकर चुकानी पडी है। सर्पदंश के शिकार विशाल शर्मा को डलहौजी से लेकर चंबा रवाना 108 एंबुलेंस कुछ किलोमीटर का सफर तय करने के बाद बनीखेत से पहले एकाएक बीच राह में हांफ  गई  और विशाल इस खराब एंबुलेंस में जिंदगी व मौत के बीच जूझता रहा। करीब डेढ घंटे के लंबे इंतजार के बाद एंबुलेंस सेवा उपलब्ध होने के बाद परिजन उसको लेकर चंबा रवाना हुए। मगर विशाल के शरीर में सांप का जहर फैल जाने से बीच राह में ही मौत हो गई। मृतक के परिचित ने बताया कि विशाल को लेकर डलहौजी से चंबा को निकली 108 एंबुलेंस बनीखेत से पहले ही राह में खराब हो गई। उन्होंने बताया कि कि करीब एक घंटे के लंबे इंतजार के बाद दूसरी एंबुलेंस उपलब्ध हो पाई। उन्होंने बताया कि अगर समय पर एंबुलेंस सेवा मिली होती और विशाल को चंबा पहंुचा दिया जाता तो शायद उसकी जान बच जाती। उल्लेखनीय है कि विशाल शर्मा को सोमवार तडके चूहन में सांप ने काट लिया था। जिस पर परिजन उसे उपचार के लिए डलहौजी ले आए थे। मगर सिविल अस्पताल डलहौजी में विशाल की हालत गंभीर देख उसे चंबा मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया था। इसी दौरान 108 एंबुलेंस सेवा बीच राहा में हांफ गई। उधर, सिविल अस्पताल डलहौजी के एसएमओ डा. विपिन ठाकुर ने बताया कि युवक को प्राथमिक उपचार के बाद चंबा रेफर किया गया था। मगर युवक को निकली एंबुलेंस बीच राह में खराब हो गई थी, जिसकी सूचना मिलते ही दूसरी एंबुलेंस भेज दी गई थी। एंबुलेंस के देरी से पहंुचने की वजह का पता लगाया जाएगा।

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