एक्टे्रस का स्ट्रगल्स कभी खत्म नहीं होताः प्रिया बापट

मराठी फिल्म इंडस्ट्री की खूबसूरत अदाकार अभिनेत्री प्रिया बापट अपनी हालिया वेब सीरीज ‘मायागनरी-सिटी ऑफ ड्रीम’ को लेकर काफी चर्चा में है। बता दें कि प्रिया ने मराठी की कई फिल्मों में बेहतरीन भूमिकाएं निभाई हैं और जिसके लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का स्क्रीन अवॉर्ड और मराठी फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। उनके साथ हाल ही में हुई बातचीत के मुख्य अंश पेश हैं…

‘सिटी ऑफ  ड्रीम’  में आपने पूर्णिमा गायकवाड़ की भूमिका निभाई, उस किरदार से क्या सीखा आपने?

मुझे लगता है कि पूर्णिमा में जो एक दो क्वालिटी है एक वह की खुद के लिए लड़ना चाहती है तो यह क्वालिटी मुझ में भी है, लेकिन बस मेरी लाइफ  में ऐसी सिचवेशन नहीं आई। कि मुझे बहार जाकर इतना लड़ना पड़े, लेकिन में उसमें से यह जरूरी सीखी हूं कि  हमें दिखाना नहीं है कि हम ताकतवर हैं, बस करके दिखाना  है।

वेब सीरीज के बारे में लोगों का मानना है कि आप अपनी फैमिली के साथ नहीं देख सकते, क्या ‘सिटी ऑफ  ड्रीम’ उस तरह का कंटेंट है?

मुझे ऐसा नहीं लगता कि वेब सीरीज फैमिली के साथ नहीं देखा जा सकता मुझे लगता है कि वेब सीरीज आप मोबाइल में देखते हैं, तो मोबाइल में तो फैमिली बैठकर नहीं देखती है जिस तरह का कंटैट बन रहा है मुझे नहीं लगता उसमे ऐसी कोई भी चीज है, जो किसी ने नहीं देखी गई है। मुझे बहुत ही होनेस्टली लगता है कि जो स्टोरी होती राईटर लिखते हैं वे समाज का ही हिस्सा होती हैं, जो होता है आसपास जो हम देखते हैं, जो हम जीते हैं उसी में से कहानियां बनती हैं। ज्यादातर कहानियां हमारी जिंदगी से जुड़ी हुई होती हैं।

इस वेब सीरीज का जब ऑफर मिला तब मन में कोई सवाल था?

बिलकुल नहीं मैंने जब ऑडिशन दिया तभी में बहुत एक्साइटिंग थी क्योंकि में नागेश कुकुनूर डिरेक्टर की काफी बड़ी फैन रही हूं क्योंकि मैंने उनकी हर फिल्म देखी है। मुझे अच्छा लगता है जब उनके कैरेक्टर बात करते हैं कैरेक्टर इक्स्पोस होते हैं। वह रिलेशनशिप बहुत अच्छी तरह से दिखाते हैं फिल्म में और मुझे उसकी राइटिंग डिरेक्शन बहुत अच्छा लगता है, तो में पहले से फैन थी उनके काम की। जब मुझे पता चला कि वे डिरेक्ट करने वाले हैं और उन्होंने ही लिखा है तो कोई कारण ही नहीं था।

— दिनेश जाला

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