एक तरफ बेटी की विदाई दूसरी ओर माता की अर्थी

टीहरा -उपमंडल धर्मपुर की भदेहड़ ग्राम पंचायत के गांव भदेहड़ में एक दुखद घटना घटित हुई, जिसमें जब पूरा परिवार, गांव व रिश्तेदार रविवार को बेटी की शादी की मेहंदी की रस्म व बेटी के विवाह समारोह की तैयारी कर रहे थे तो रात को बेटी की मां की अचानक मौत हो गई और शादी का समारोह मातम में बदल गया। भदेहड़ पंचायत की पूर्व प्रधान 48 वर्षीय कृष्णा देवी पत्नी रणजीत सिंह की रविवार को अचानक मौत हो गई। उस मां को क्या पता था कि जिस बेटी की शादी की तैयारियां पिछले कई माह से हो रही थीं, सारा सामान खरीद कर रख लिया गया था और और सामान को सजाने में लगी मां अपनी बेटी को ससुराल भी विदा नहीं कर पाई और अचानक मौत के आगोश में चली गई और उस अभागी बेटी पूजा को भी क्या मालूम था कि उसकी शादी के दिन ही उसकी मां उसे छोड़ जाएगी। अचानक हुई इस मौत से विवाह समारोह में गाए जाने वाले गीतों की जगह रोने की आवाजें गूंजने लगीं और शादी समारोह में चारों ओर मातम छा गया। कृष्णा देवी 2010 से 2015 तक भदेड़ पंचायत की प्रधान रही हैं। स्वर्गीय कृष्णा देवी एक मिलनसार मृदुभाषी और समाजसेवा में अग्रणी भूमिका निभाने वाली महिला थीं, जिस कारण ही लोगों द्वारा उन्हें प्रधान पद के लिए चुना था। उनकी बेटी की शादी के लिए 13 मई को टीहरा पंचायत के लांबरी गांव से बारात आनी थी, लेकिन बेटी को ससुराल विदा करने से एक दिन पहले मां इस दुनिया से चल बसी। धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार निर्धारित शादी का लग्न मूहुर्त परिवर्तित नहीं होता है, जिसके चलते मां कृष्णा देवी की मृत्यु के कारण बेटी पूजा का कन्यादान नलयना गांव वासी उसकी मौसी पिंकी देवी व मौसा बलदेव राणा ने किया और महिला मंडल भवन भदेहड़ में विवाह की रस्म रिवाज पूरी की गई और दूसरी तरफ  क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने मां का दाह संस्कार किया। इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। जहां भी लोगों को इस घटना के बारे में पता चला तो लोग उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए उनके घर पहुंचे। जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने उनके घर जाकर परिवारजनों को ढाढस बंधाया। उनकी इस असामयिक मृत्यु पर हिमाचल किसान सभा पंचायत कमेटी  भदेहड़ के सदस्य व गांव निवासी प्रकाश चंद, त्रिलोक सकलानी, सुख राम, हरफूल सिंह, राजगीर, रोशन लाल, कश्मीर सिंह, राकेश कुमार, राजेंद्र सोनी, अरुण अत्री, सुषमा देवी, निक्की देवी, आशु देवी, भामा  देवी, भाग सिंह, लूद्दर सिंह, तारा चंद, हेम सिंह, कुलदीप सिंह, रमन सकलानी, अमर सिंह के अलावा वार्ड सदस्यों, पंचायत प्रधान, उपप्रधान, बीडीसी सदस्य महिला मंडलों, युवक मंडलों, मनरेगा मजदूरों, पंचायत कर्मचारियों ने इस आकस्मिक व असमायिक निधन पर शोक व्यक्त किया है और उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है।

 

 

You might also like