एक नजर

धर्मों से जुड़े नाम वाले दलों की समीक्षा पर नोटिस

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद एक दिन बाद ही दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग और केंद्र को नोटिस जारी किया है।  दरअसल, दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें चुनाव आयोग को धर्मों से जुड़े नाम वाले या राष्ट्रीय ध्वज जैसे प्रतीकों का इस्तेमाल करने वाले राजनीतिक दलों की समीक्षा करने का निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका में अपील की गई है कि अगर यह पार्टियां तीन महीने के भीतर इन्हें नहीं बदलती हैं, तो उनका पंजीकरण रद्द कर दिया जाए।

दीदी ममता करेंगी मंथन, बुलाई बैठक

कोलकाता। लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे आने के बाद पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की अगवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को बड़ा झटका लगा है। बीजेपी ने राज्य में शानदार प्रदर्शन करते हुए 18 सीटें हासिल की हैं। वहीं, टीएमसी अपने पिछले प्रदर्शन को नहीं दोहरा सकी है। अब सीएम ममता बनर्जी ने नतीजों के बाद पैदा हुए हालात पर चर्चा के लिए अपने नेताओं की बैठक बुलाई है। टीएमसी सुप्रीमो ममता ने कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आवास पर शनिवार को पार्टी के नेताओं को मंथन के लिए बुलाया है। इस बैठक में पार्टी के सभी बड़े नेताओं को मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक के दौरान लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन पर चर्चा होगी। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में टीएमसी विधायकों को भी बुलाया गया है।

आप की सात साल के इतिहास में बुरी हार

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक आठ महीने पहले सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की सातों लोकसभा सीटों पर आप का कोई भी नेता भगवा लहर का सामना नहीं कर पाया। लेकिन इससे भी ज्यादा अपमानजनक बात यह है कि आप 18.1 प्रतिशत वोट शेयर के साथ दिल्ली लोकसभा चुनाव में तीसरे नंबर पर ही अपनी पकड़ बना पाई, जबकि 56.5 प्रतिशत वोट शेयर के साथ पहले नंबर पर बीजेपी ने कब्जा किया और दूसरे नंबर पर 22.5 प्रतिशत वोट शेयर के साथ कांग्रेस रही। दिल्ली आप का किला रहा है, जहां उसने साल 2015 में 70 विधानसभा सीटों में से 67 पर जीत हासिल करके इतिहास रचा था। साल 2012 में अस्तित्व में आने के बाद से इस चुनाव में पार्टी ने सबसे खराब प्रदर्शन किया है।

कूटनीति के जरिए सुलझाने होंगे मसले

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने ईरानी विदेश मंत्री जावेद जरिफ को आश्वासन दिया है कि  उनका देश इस क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। उनका आशय अमरीका तथा ईरान के बीच ऊपजे तनाव से था। श्री जरिफ पाकिस्तान की दो दिवसीय यात्रा पर हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री इमरान खान, सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा और राष्ट्रीय असेंबली स्पीकर असद कैसर से मुलाकात की है। ईरानी संवाद समिति ईरना के मुताबिक श्री जरिफ ने इस्लामाबाद पहुंचने के तुरंत बाद कहा कि ईरान अपने पड़ोसी देश खासकर पाकिस्तान से मजबूत संबंध चाहता है और पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को बेहतर बनाना ईरान की सर्वोच्च नीति है।

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