एक महीने में तैयार होगी फिजिबिलिटी रिपोर्ट

मनाली—बिजली महादेव रोप-वे को तैयार करने के लिए प्रशासन ने कसरत शुरू कर दी है। जिला में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जहां उक्त रोप-वे अहम भूमिका अदा करेगा, वहीं आसानी से लोग जिला मुख्यालय के साथ सटी खराहल घाटी की पहाड़ी की चोटी पर पहुंच सकेंगे। गुरुवार को बिजली महादेव रोप-वे को लेकर उपायुक्त कुल्लू ने अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में जहां रोप-वे के प्रोजेक्ट रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की गई है, वहीं बिजली महादेव रोप-वे के लिए भूमि के चयन का भी खुलासा किया गया है। लिहाजा उपायुक्त ने बिजली महादेव रोप-वे  के सर्वे करने वाली एजेंसी का एक माह के भीतर प्रोजेक्ट की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा है। उपायुक्त कार्यालय में आयोजित उक्त बैठक में जहां पर्यटन से जुड़ मुद्दों पर चर्चा की गई है, वहीं जिला मंे प्रस्तावित दो बड़े रोप-वे प्रोजेक्ट की स्टेट्स रिपोर्ट पर भी कसरत की गई। उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने बताया कि कुल्लू में जहां बिजली महादेव रोप-वे लगना प्रस्तावित है, वहीं दूसरा रोहतांग रोप-वे को भी प्रर्यांवरण मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। ऐसे में दोनों रोप-वे जिला के पर्यटन करोबार के लिए काफी अहम हैं और इनके बनने के बाद जहां घाटी में पर्यटन करोबार को रफ्तार मिलेगी, वहीं धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उल्लेखनीय है कि बिजली महादेव रोप-वे के बनने के बाद कुल्लू-मनाली घूमने आने वाले सैलानी यहां मौजूद भगवान शिव के मंदिर आसानी से पहुंच सकेंगे, वहीं यहां की देव संस्कृति से भी रू-ब-रू हो सकेंगे। लिहाजा प्रशासन ने इस बात का खुलासा किया है कि बिजली महादेव रोप-वे की जहां एक माह के भीतर फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाएगी, वहीं अगामी समय में प्रोजेक्ट का काम भी रफ्तार पकड़ेगा।

You might also like