एग्जिट पोल ने बढ़ाई धड़कनें

चंडीगढ़ लोकसभा की सीट पर किसका होगा कब्जा, रिजल्ट से पहले आए सर्वे से बढ़ी सियासी दलों की चिंता

चंडीगढ़ -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर चंडीगढ़ से एक बार फिर किरण खेर लोकसभा में पहुंचती हैं या फिर कांग्रेस के पवन बंसल अपना पिछली हार का बदला ले पाते हैं। इस सवाल का जवाब तो आगामी 23 मई को मिलेगा पर सर्वे वालों के आंकड़ों से शहर में राजनीतिक चर्चाओं का दौर अवश्य शुरू हो गया है। जहां एक भाजपा प्रत्याशी किरण खेर के मोदी के नाम पर सवार होकर जीत के लिए आश्वस्त हैं, वहीं कांग्रेस के पूर्व सांसद पवन बंसल का विश्वास है कि खेर द्वारा शहर की गई नजरअंदाजी उन्हें मंहगी पडे़गी। बंसल को विश्वास है कि चंडीगढ़ की पढ़ी-लिखी जनता किसी अन्य के नाम पर वोट डालने की बजाय स्थानीय मुद्दों पर मतदान करेगी। वह लगातार स्थानीय मुद्दे उठाते रहे हैं। उनका कहना था कि खेर द्वारा शहर की की गई उपेक्षा के कारण  स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में चंडीगढ़ की रैंकिंग तीसरे पायदान से गिरकर 20वें स्थान पर पहुंच गई। अब नगर निगम में भाजपा का कब्जा है। अतः वह बंसल के इन आरोपों का जवाब देने की बजाय खेर द्वारा संसद में निभाई गई भूमिका का हवाला देते रहे। खेर ने मतदान के दिन भी यही कहा कि मोदी कारण शहर में मौजूद है और इस प्रकार मैं अपनी जीत का 500 प्रतिशत सुनिश्चित हूं। मुझे यकीन है कि सुनामी शहर में है। अतः जीत सुनिश्चित है। उन्होंने कहा कि भाजपा केंद्र और चंडीगढ़ में बहुमत बनाएगी। खेर  ने नरेंद्र मोदी को देश का सबसे मजबूत प्रधानमंत्री बताया। ज्ञात रहे कि वर्ष 2009 में खेर ने मुंबई में वोट डाला था, पर इस बार उन्होंने चंडीगढ़ में वोट डाला। उन्होंने 2016 के नगर निगम चुनाव में अपना वोट डाला था। खेर ने दावा किया कि चंडीगढ़ ने पिछले पांच वर्षों में विकास देखा। उधर पवन कुमार बंसल को उनके कैडर का जिस प्रकार पूरा समर्थन मिला वह खेर को नहीं मिल पाया। हालांकि प्रधानमंत्री की रैली के बाद भाजपा कार्यकर्त्ता घरों से तो निकला पर केवल मोदी के नाम पर। भाजपा का गृह युद्ध किरण खेर को टिकट मिलने के बावजूद भी नहीं थमा।

 

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