एचपीयू में ग्रामीण विकास की पाठशाला

शिमला—हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी शिमला में ग्रामीण विकास की पाठशाला चल रही है। विश्वविद्यालय के अंतर विषयक विभाग में ग्रामीण विकास के छात्रों व संकाय सदस्यों के लिए जिला ग्रामीण विकास अभिकरण पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य व्याख्याता के रूप में डीआरडीए के परियोजना अधिकारी संजय भगवती मौजूद रहे। इस कार्यक्त्रम में 58 एमबीए ग्रमीण विकास के छात्रों व संकाय सदस्यों ने भाग लिया। अपने व्याख्यान और चर्चा में संजय भगवती ने कहा कि हिमाचल ही नहीं पूरे ग्रामीण भारत में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण की बहुत अहम और महत्वपूर्ण भूमिका है। हर एक जिला में यह अभिकरण ग्रामीण विकास की योजनाओं को लागू करने और यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होता है कि धरातल पर इन योजनाओं का लाभ योग्य लाभार्थी तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि हिमाचल में कुल 80 विकास खंडों में विकास खंड अधिकारी की जिम्मेदारी इन ग्रामीण विकास की योजनाओं के लागू करने और प्रबंधन की होती है और बहुत सारे सहकर्मी खंड स्तर से लेकर पंचायतों तक एकजुट होकर कार्य करते हैं। अगर ग्रामीण विकास के प्रोफेशनल हमारे विश्वविद्यालय तैयार करते हैं तो यह इन योजनाओं के क्रियान्वन के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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