एचपीयू में ब्यूटीफिकेशन का काम अधूरा

शिमला—12वीं योजना के तहत हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को मिली राशि के तहत एचपीयू में अभी तक ब्यूटीफिकेशन का कार्य पूरा नहीं हो पाया है, जबकि एचपीयू प्रशासन ने अधिकारियों को इस योजना के तहत मिले बजट को खर्च करने के आदेश दिए थे। विभागीय सूत्रों के मुताबिक एचपीयू केंद्र सरकार को यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट भी इस बारे में अभी तक पूरी तरह से नहीं भेज पाया है। हालांकि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सिकंदर कुमार ने 12वीं योजना के तहत राशि की मदद से शेष कार्य को जल्द पूरा करने के आदेश दो माह पूर्व जारी किए थे। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में अकादमिक प्लानिंग बोर्ड की बैठक में 12वीं योजना के तहत शेष राशि से कैंपस डिवेल्पमेंट, कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने, गर्ल्ज व ब्वॉयज होस्टलों का मरम्मत कार्य करने, गेस्ट हाउस निर्मित करने केे अलावा विभिन्न शैक्षणिक विभागों, कार्यालयों में आईसीटी सुविधाएं मुहैया करवाने व अन्य विकास कार्यों को पूरा करने को मंजूरी प्रदान की गई थी। बावजूद इसके अभी तक कोई भी कार्य इस बाबत पूरा नहीं हो पाया है। अहम यह है कि इसके अलावा बैठक में स्वच्छ भारत मिशन, हैल्थ एंड हाइजीन, वूमन हैल्थ केयर, आईसीटी व स्किल इंप्रूवमेंट के क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने के लिए फंड मुहैया करवाने को भी मंजूरी दी गई थी। तीन से चार माह पहले कुलपति ने संबंधित अधिकारियों को निदर्ेेश दिए थे कि विभिन्न फंडिंग एजेंसियों से आने वाले फंड का समयबद्ध सदुपयोग किया जाए, ताकि लाभार्थियों को इसका लाभ मिल सके। बता दें कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को जनरल असिस्टेंट ग्रांट्स के तौर पर 12वीं योजना के अंर्तगत 14.41 करोड़ की राशि जारी हुई थी। इसमें से 4.32 करोड़ रुपए की राशि जारी होना शेष है। गौर रहे कि 12वीं पंचवर्षीय योजना मार्च 2017 में समाप्त हो गई थी, ऐसे में यह राशि खर्च किए जाने के बाद अब रिबर्स होनी थी। यही वजह है कि प्रोफेसर सिकंदर कुमार ने संबधित अधिकारियों को इस योजना के तहत जल्द सभी विकास कार्य पूरा करने का कहा था। बता दें कि विश्वविद्यालय के कैंपस में मल्टी परपस मार्केट बनाने का प्लान भी एचपीयू ने तय किया है। इस प्लान के तहत एचपीयू के छात्रों को खाने, पीने के अलावा शॉपिंग करने तक की सुविधा एक ही जगह पर दी जाएगी। जानकारी के अनुसार 12वीं योजना के बजट से ही विश्वविद्यालय के सभी विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाना था।

You might also like