एमसीआई से डाक्टर ट्रांसफर की शिकायत

आरडीए ने उठाया मुद्दा; कहा, फैकल्टी पूरी करने को बुलाए जाते हैं चिकित्सक

 शिमला -नए मेडिकल कालेज में एमसीआई जांच के दौरान 24 डाक्टरों के ट्रांसफर की शिकायत अब मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से की जाएगी। आरडीए यह मुद्दा उठा रहा है। रेजिडेंट डाक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. अजय जरियाल ने एमसीआई को एक पत्र लिख है, जिसमें नए कालेज के सर्वेक्षण के दौरान पुराने कालेजों से कुछ समय के लिए डाक्टरों की ट्रांसफर करने के बारे में लिखा है, जिसमें पिछले माह हुए सर्वेक्षण का हवाला दिया जा रहा है। आरडीए का कहना है कि इस बारे में जांच की जानी चाहिए। आरडीए ने साफ किया है कि यदि मेडिकल कालेज में फैकल्टी की कमी पूरी करने के लिए अस्पतालों या फिर मेडिकल कालेजों के लिए डाक्टर्ज को बुलाया भी जाता है, तो वे एक वर्ष भी संबंधित मेडिकल कालेजों में नहीं टिक रहे हैं। इसके कारण एमआसीआई और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत यह गाज उन डाक्टरों पर भी गिर सकती है, जो मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के सर्वेक्षण के दौरान मेडिकल क ालेज और फिर वापस अपने स्टेशन पर चले जाते हैं। गौर हो कि शनिवार को एक माह पहले आईजीमएसी और टांडा से नए मेडिकल कालेज भेजे गए डाक्टर्ज को वापस बुलाया गया है। इसमें 11 आईजीएमसी के और 13 डाक्टर टांडा मेडिकल कालेज को वापस भेजे गए हैं।

इस तरह बदले गए डाक्टर

नाहन से रेडियोलॉजी के दो डाक्टरों को वापस आईजीएमसी भेजा गया है। चंबा से मेडिसिन के डाक्टरों को टीएमसी भेजा गया है। चंबा से दो निश्चेतकों को वापस टांडा वापस भेजा गया था। चंबा से मेडिसिन के डाक्टर को टांडा भेजा गया है। चंबा से रेडियोलॉजी के डाक्टर को टीएमसी भेजा गया है। चंबा से ही पैथोलॉजी के डाक्टर को आईजीएमसी वापस भेजा गया था। मंडी से पीडियाट्रिक्स के डाक्टर को वापस आईजीएमसी भेजा गया है। मंडी से पैथोलॉजी, ऑर्थो और एनेस्थिसिया के डाक्टर को आईजीएसी और टीएमसी वापस भेजने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मंडी से सर्जरी के डाक्टर को आईजीएमसी भेजा गया है और हमीरपुर से ही ओबीजी, मेडिसिन, एनेस्थिसिया, पीडियाट्रिक्स, फोरेंसिक मेडिसिन, सर्जरी, स्किन, चेस्ट एंड टीबी के डाक्टरों को वापस टीएमसी भेज दिया गया है, जो नियम के विरुद्ध माना जा रहा है।

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