एसएफआई ने विवि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर लगाए आरोप

शिमला—एसएफआई ने रूसा के अंतर्गत पढ़ने वाले पांचवे सत्र के छात्रों  के परीक्षा परिणामों पर सवाल उठाए हैं, जिसमें पांचवें सत्र में छात्रों के पेपरों का मूल्यांकन सही तरीके से नहीं हुआ है।  एसएफआई का मानना है की जिन छात्रों के अंतरिम मूल्यांकन में अच्छे नंबर हैं और एनुअल पेपर अच्छे दिए हैं। उन छात्रों के परीक्षा परिणाम खराब कैसे हो सकते हैं। यही नहीं अपितु जब से रूसा सिस्टम प्रदेश में लागू हुआ तब से ही इस प्रकार की दिक्कतों का सामना छात्रों को करना पड़ रहा है।  हाल ही में री-अपीयर परीक्षा के जो परिणाम आये थे उसमंे जो नंबर पहले थे उसमें कोई परिवर्तन नहीं हुआ। यह कैसे संभव है कि किसी छात्र के अंक न बड़े न कम हुए। यह विश्वविद्यालय परीक्षा नियंत्रण शाखा की नाकामी को दर्शाता है, जो छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। इन सब दिक्कतों का मुख्य कारण विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परीक्षा नियंत्रण शाखा को निजी हाथों में देना है। एसएफआई पहले से इसके खिलाफ आंदोलनरत रही कि यदि परीक्षा नियंत्रण शाखा को निजी हाथों में दिया गया तो परीक्षा नियंत्रक शाखा अपनी विश्वसनियता खो देगी। जो इन परिणामों से साफ नजर आ राहा है। एसएफआई मांग करती है की इन परिणामों का पुनः मूल्यांकन किया जाए। साथ ही परीक्षा नियंत्रक शाखा का निजीकरण करना बंद किया जाए। एसएफआई ने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतवनी दी है कि यदि इन  सब मांगों को जल्द से जल्द पूरा नहीं किया गया तो आने वाले समय में एसएफआई उग्र आंदोलन करेगी।

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