एसीआर में जुड़ेगा सर्विस गारंटी रिकार्ड

तय होगी अफसरों, कर्मचारियों की जवाबदेही, सरकार ने किया नया प्रावधान

शिमला – प्रदेश सरकार द्वारा लोगों की सुविधा के लिए लागू की गई सर्विस गारंटी स्कीम के तहत अब नया प्रावधान किया गया है। यदि कोई अधिकारी व कर्मचारी तय अवधि में निर्धारित मापदंडों के अनुरूप जनता को सर्विस गारंटी नहीं देता है, तो उसकी एसीआर खराब हो जाएगी। सरकार ने अफसरों व कर्मचारियों की जवाबदेही को तय करने के लिए उनकी एसीआर में इस प्रावधान को शामिल करने के आदेश किए हैं। कार्मिक विभाग ने सभी विभागों को इस संबंध में सूचित कर दिया है। कार्मिक विभाग द्वारा जारी किए गए आदेशों के अनुसार सर्विस गारंटी स्कीम में यदि तय अवधि में लोगों के काम नहीं होते हैं और इस मामले में उनकी शिकायत की जाती है, तो फिर संबंधित जवाबदेह अधिकारी या कर्मचारी की एसीआर में जुड़ेगा कि उसने समय पर काम नहीं किया है। यह सरासर सरकार के आदेशों की अवहेलना होगी। एसीआर खराब होने से फिर प्रोमोशन में इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने सर्विस गारंटी योजना को लागू कर रखा है। हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग विभागों ने कुछ जरूरी कार्यों को इसके दायरे में लाया है, जिसके लिए दिन भी अलग-अलग निर्धारित हैं। मसलन आईपीएच, राजस्व, स्वास्थ्य, बिजली या दूसरे ऐसे महकमे जो सीधे रूप से जनता से जुड़े हैं, के द्वारा काम करने के लिए समय निर्धारित हैं। निर्धारित दिनों में यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी काम को लटकाता है और व्यक्ति द्वारा उनकी शिकायत उच्चाधिकारियों को की जाती है, तो कार्रवाई होगी। जनता के काम समय पर हों, इसके लिए न्यूनतम सात दिन और अधिकतम एक महीने तक का समय है। इसमें कई कार्यों के लिए 15 दिन का समय भी निर्धारित किया गया है। ऐसे में अब एसीआर का नया प्रावधान करके सरकार ने अफसरों व कर्मचारियों को बांध दिया है। सरकार ने बजट में भी यह घोषणा कर रखी है कि लोगों को विभागों से जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाएगा। अभी तक कई मामलों पर यूं ही फाइलों को लटकाकर लोगों को परेशान किया जाता रहा है। बताया जाता है कि 100 से ज्यादा कार्यों को अलग-अलग विभागों ने सर्विस गारंटी के दायरे में लाया है। यहां तक कि उद्योगों को भी समयबद्ध मंजूरियों के लिए सरकार प्रयास कर रही है।

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