ऐतिहासिक ऊंचाई छूने के बाद गिरावट में बंद हुआ शेयर बाजार

लोकसभा चुनाव की मतगणना रुझानों में फिर से मोदी सरकार के सत्ता में आने की संभावना से उत्साहित निवेशकों की जोरदार लिवाली के दम पर गुरुवार को कारोबार के शुरूआती पहर में ऐतिहासिक ऊंचाई को छूने वाले घरेलू शेयर बाजार मुनाफावसूली के दबाव में लाल निशान में बंद हुए।बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 298.82 अंक की गिरावट में 38,811.39 अंक पर बंद हुआ। इस दौरान नेशनल स्टाॅक एक्सचेंज का निफ्टी भी 80.85 अंक की लुढ़ककर 11,657.05 अंक पर रहा।
मतगणना के शुरूआती रुझानों में मोदी सरकार की मजबूत वापसी को देखते हुए निवेशकों का उत्साह शुरूआत में चरम पर रहा। इससे सेंसेक्स 481.56 अंक की बढ़त में 39,110.21 अंक पर खुला और कुछ ही देर में अब तक ऐतिहासिक रिकार्ड स्तर 40,000 अंक के पार 40,124.96 अंक पर पहुँच गया। हालांकि, अपराह्न से पहले ही निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी जिससे सेंसेक्स पर दबाब बनने लगा और अंतिम चरण में यह लुढ़कता हुआ 38,651.61 अंक के दिवस के निचले स्तर पर आ गया। अंतत: यह गत दिवस की तुलना में 0.76 प्रतिशत लुढ़ककर 38,811.39 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की 30 में से 15 कंपनियां हरे निशान में और 15 लाल निशान में रहीं।निफ्टी भी 167.40 अंक चढ़कर 11,901.30 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह भी 12,041.15 अंक का नया रिकॉर्ड स्तर बनाने में कामयाब रहा। मुनाफावसूली के दबाव में यह 11,614.50 अंक के दिवस के निचले स्तर तक लुढ़का और अंत में गत दिवस की तुलना में 0.69 प्रतिशत की गिरावट में 11,657.05 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी की 50 में से 23 कंपनियां बढ़त में और 27 गिरावट में रहीं।विश्लेषकों का कहना है कि रिकार्ड स्तर पर पहुंचने के कारण निवेशकों विशेषकर विदेशी निवेशक और संस्थागत निवेशकों ने बिकवाली की है जिसके कारण बाजार गिरावट लेकर बंद हुआ है। लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के अपने बूते स्पष्ट बहुमत हासिल करने और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार बनने पर आगे फिर से सेंसेक्स के 40 हजार अंक के पार पहुंचने की संभावना है। 

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