ऐसी प्लानिंग करें कि कहीं भी पानी की कमी न रहे

उपायुक्त ने विभाग को दिए आदेश, पेयजल योजनाओं का खुद निरीक्षण करें अधिकारी

हमीरपुर -गर्मी के प्रचंड तेवरों को देखते हुए और पेयजल का स्टेटस पता करने के लिए डीसी हमीरपुर ने आईपीएच महकमे के साथ बैठक की। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिला में पेयजल किल्लत वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर  लोगों को  समुचित मात्रा में पेयजल उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पानी की सप्लाई का ऐसा प्लान बनाएं कि कहीं पेयजल की किल्लत न हो। यही नहीं, डीसी ने आईपीएच विभाग के अधिकारी को कहा कि जहां-जहां पानी के भंडारण टैंक हैं, वहां की वास्तुस्थिति का पता लगाने के लिए खुद मौके पर जाएं और साफ-सफाई का ध्यान रखें। इसके लिए फीटरों या फिर दूसरे मुलाजिमों पर आश्रित न रहें। जिला की  सभी पेयजल योजनाओं का स्वयं निरीक्षण करें तथा जहां पर भी सफाई तथा पेयजल को लेकर समस्या है, उसका तुरंत समाधान करें। इसके साथ ही पीलिया तथा अन्य बीमारियों की रोकथाम को लेकर  सभी सरकारी तथा प्राइवेट स्कूलों में पेयजल टंकियों के सैंपल लेकर बच्चों को शुद्ध पेयजल की व्यवस्था को सुनिश्चित बनाया जाए। पेयजल योजनाओं तथा प्राकृतिक जल स्रोतों में उचित क्लोरीनेशन करने, पेयजल की लीकेज तथा  इसका दुरूपयोग रोकने को भी उचित कदम उठाए जाएं। इस अवसर पर एसडीएम हमीरपुर शशिपाल नेगी, एसडीएम सुजानपुर शिव देव सिंह, जिला राजस्व अधिकारी पवन कुमार, आदेशक गृह रक्षा सुशील कौंडल के अतिरिक्त आईपीएच व अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

वनों की आग पर रखें नजर

डीसी ने बैठक में वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वनों को आगजनी की  घटनाओं से बचाने के लिए उचित कदम उठाएं, ताकि प्राकृतिक वन संपदा तथा वन्य जीव-जंतुओं का संरक्षण हो सके। इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायतों में जाकर ग्राम सभाओं में लोगों को आग से होने वाले नुक्सानों के बारे जागरूक करें। कृषि विभाग के अधिकारियों को मक्की तथा अन्य मौसमी  बीजों का समुचित भंडारण तथा लोगों की मांग के अनुसार उन्हें उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए।

हर वक्त तैयार रहे फायर ब्रिगेड

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों को जिला प्रशासन की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि वे जल जनित रोगों से बचाव को लेकर  जागरूकता कैंपों के माध्यम से लोगों को जागरूक करें और दवाइयों का समुचित स्टॉक भी रखें। सभी सरकारी तथा निजी स्कूलों में जाकर स्कूलों में स्वछता तथा पेेयजल टंकियों का निरीक्षण करें। अग्निश्मन विभाग को निर्देश दिए गए कि वे अपने फायर हाईड्रेंटस को हमेशा तैयार रखें, ताकि जिला में किसी भी स्थान पर आगजनी जैसी घटना होने से बेहतर ढंग से निपटा जा सके।

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