ओपीडी बंद… निराश लौट रहे मरीज

धर्मशाला—क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला की एमडी सहित आधा दर्जन के करीब मुख्य ओपीडी विशेषज्ञ डाक्टर न होने से पूरी तरह से प्रभावित चल रही हैं। इसके कारण मरीजों और तामीरदारों को हर दिन परेशान होना पड़ रहा है। स्मार्ट सिटी धर्मशाला के अस्पताल में अब तक विशेषज्ञ के पद न भरे जाने के कारण एक विशेषज्ञ डाक्टर के अवकाश पर होने से आधा दर्जन ओपीडी प्रभावित हो रही हैं। इसके कारण अस्पताल में जुगाड़ के सहारे ही काम चलाया जा रहा है। वहीं, प्रसुति के मरीज भी सीधे टांडा मेडिकल कालेज ही रैफर किए जा रहे हैं। जिला कांगड़ा के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल धर्मशाला अब सुविधाओं के नाम पर डिस्पेंसरी बनने की कगार पर पहुंच गया है। सोमवार को धर्मशाला अस्पताल में पहुंचे सैकड़ों मरीजों को खूब परेशानियां झेलनी पड़ी। अस्पताल में पिछले कई दिनों से एमडी ओपीडी पूरी तरह से बंद करके ताला लटका दिया गया है। अब 19 मई तक ओपीडी को विशेषज्ञ डाक्टर के अवकाश में होने के कारण बंद रखना पड़ रहा है। अस्पताल में दो एमडी डाक्टर होने के प्रावधान होने के बावजूद भी एक पद खाली होने से समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं। वहीं, ईएनटी का पद डेढ़ साल से भी अधिक समय से खाली चल रहा है। ऐसे में गायनी के आपरेशन थियेटर का मरम्मत कार्य होने के चलते ईएनटी के कमरे में अब गायनी ओपीडी को शिफ्ट कर दिया गया है। इसके अलावा सोमवार के दिन ही नेत्र विशेषज्ञ और मनोचिकित्सक भी 22 मई तक अवकाश पर हैं।  गायनी विशेषज्ञ भी जरूरी कार्य कारण अवकाश पर चल रहे हैं, उनके स्थान पर गायनी ओपीडी में डाक्टर तो तैनात किए गए हैं। लेकिन प्रसुति के समय अधिकतर महिलाओं को टांडा ही रैफर किया जा रहा है।

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