ओमान-न्यूजीलैंड को पसंद हिमाचल

निवेश की संभावनाओं पर दोनों देशों के राजदूतों से दिल्ली में सकारात्मक चर्चा

शिमला —ओमान और न्यूजीलैंड को हिमाचल पसंद है, जिसने यहां पर निवेश की संभावनाओं पर सकारात्मक रुझान दिखाया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग मनोज कुमार, उप-आवासीय आयुक्त विवेक महाजन और सीआईआई के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को नई दिल्ली में न्यूजीलैंड की राजदूत जोआना केम्पकर्स और ओमान सल्तनत के राजदूत हामेद बिन सैफबिन अब्दुलजीज आई रवाही से मुलाकात की। उन्होंने उन्हें सितंबर, 2019 में धर्मशाला में आयोजित होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट के बारे में अवगत करवाया।   मनोज कुमार ने  बताया किया कि यह आयोजन हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं जैसे एग्री बिजनेस, फूड प्रोसेसिंग और पोस्ट हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी, पर्यटन आतिथ्य और नागरिक उड्डयन, वेलनेस, हैल्थकेयर और आयुष (दवाओं की भारतीय प्रणाली), हाइड्रो और नवीकरणीय ऊर्जा, विनिर्माण और फार्मास्यूटिकल्स, रियल एस्टेट और शहरी विकास, परिवहन बुनियादी ढांचे और सूचना प्रौद्योगिकी, आईटीईएस व इलेक्ट्रॉनिक्स, शिक्षा और कौशल विकास को प्रदर्शित करेगा। न्यूजीलैंड की राजदूत ने चर्चा में भाग लिया और इस आयोजन में अपनी रुचि सांझा की। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड पहले से ही हिमाचल प्रदेश में सेब उद्योग में सुधार के लिए एक विश्व बैंक की परियोजना को लागू कर रहा है। उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड में अधिकांश उद्यम या तो छोटे अथवा मध्यम हैं, केवल फोन्टेरा मिल्क नाम से एक बड़ा दूग्ध सहकारी है। डेयरी के क्षेत्र में इसकी विशेषज्ञता का उपयोग हिमाचल प्रदेश राज्य में किया जा सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि बंजी जंपिंग के क्षेत्र में एजे हैकेट नाम से एक निजी कंपनी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य और सुरक्षा मानक आदि क्षेत्रों में इस कंपनी द्वारा निवेश की संभावनाओं को तलाशा जा सकता है। ओमान के राजदूत ने निमंत्रण के लिए आभार व्यक्त किया और निवेश के लिए रास्ते तलाशने का आश्वासन दिया और कहा कि इस मामले को संबंधित  लोगों के साथ उठाया जाएगा और इसे लेकर वे शिमला का दौरा भी कर सकते हैं।

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