ओम राणा की पहाड़ी-पंजाबी मेसअप का वीडियो रिलीज

धर्मशाला—पहाड़ी राज्य प्रदेश के जिला चंबा के अति जनजातीय क्षेत्र पांगी के रहने वाले बागबानी विभाग में सेवाएं दे रहे पर्यावरण के विशेषज्ञ को बचपन के शौक ने गायक बना दिया है। पांगी साच गांव के रहने वाले युवा गायक की पहाड़ी-पंजाबी मेसअप का वीडियो ओम राणा आफिसयल यू-टयूब चैनल पर रिलीज कर दिया है, जिसमें कुछ सैलडि़यां और बागे बीच आया करो का मेसअप एक खूबसूरत वीडियो के साथ किया गया है। वहीं, अब पर्यावरण विज्ञान में पीएचडी का अध्ययन पूरा करते ही अपने खुद के लिखे व गाए हुए गीतों की लड़ी निकालेंगे। ओम राणा ने पांगी में बिना बिजली और टीवी के मात्र रेडियो सुनते-सुनते ही गीत-संगीत सिखा है। ओम राणा चंबा के पांगी साच गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता महेश चंद का वर्ष 2011 में देहांत हो गया, जबकि माता नंदी देवी गृहिणी है। उन्होंने जमा एक तक की पढ़ाई साच स्कूल में पूरी की, जिसके बाद जमा दो व्बयाज स्कूल धर्मशाला, ग्रेजुएशन बीएससी मेडिकल पीजी कालेज धर्मशाला और बीएड द्रोणाचार्य कालेज से पूरी की। इसके बाद प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला में इन्वायरमेंट साइंस में एमएससी की पढ़ाई पूरी की। इसके साथ ही अब जीवी इंस्टीटयूट कुल्लू से इंवायरमेंटल साइंस पर पीचएडी कर रहे हैं। इसके साथ ही ओम राणा बागबानी विभाग में बतौर इन्वायरमेंट सेफ गार्ड सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जिसमें बागबानी विभाग के लगने वाले प्रोजेक्ट से पर्यावरण के होने वाले नुकसान की रिपोर्ट तैयार करते हैं। इतना ही नहीं ओम राणा ने तीन वर्षों तक ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क कुल्लू में सैंज प्रोजेक्ट से नेशनल पार्क के पर्यावरण को होने वाले नुकसान को लेकर अध्ययन किया है। ओम राणा के पहाड़ी-पंजाबी मेसअप में जैकेफ ने म्युजिक दिया है और विक्की जुनैजा ने वीडियो डायरेक्शन किया है। गीत को यू-टयूब चैनल ओम राणा आफ्सियल में रिलीज किया है।

हिमाचली कलाकारों की पहचान बना ‘दिव्य हिमाचल’

ओम राणा ने ‘दिव्य हिमाचल’ से खास बातचीत करते हुए कहा कि ‘दिव्य हिमाचल’ हिमाचली कलाकारों को पहचान दिलाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि आगामी समय में वह अपने लिखे हुए व गाए हुए गीतों को लेकर आएंगे।

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