ओवरओक में जश्न, होलीलॉज में सन्नाटा

शिमला -चुनाव के महासंग्राम में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अपने आवास स्थान ओकओवर में ही संयम के साथ जीत का इंतजार करते रहे। सुबह लगभग आठ बजे से रूझानों का जायजा जयराम ठाकुर और उनकी धर्मपत्नी टीवी से लेते रहे। सुबह आवास का  माहौल बिलकुल शांत था। भले ही प्रदेश में चारों सीटों पर सुबह से ही भाजपा बढ़त बनाए हुए थी, लेकिन ओकओवर में दोपहर बारह बजे तक बाहर से कोई भी मिलने वाला आवास के अंदर नहीं आया और सीएम भवन में सुबह 11 बजे तक शांति पसरी थी। गुरुवार को लगभग साढ़े बारह बजे तक सीएम से मिलने वाले भी नहीं के बाराबर दिखाई दे रहे थे। आवास में कार्यरत सभी कर्मचारी नतीजों को लेकर अपने मोबाइल पर अपडेट लेते नजर आ रहे थे। ड्यूटी पर मुस्तैद सुरक्षाकर्मी भी बस यही इंतजार कर रहे थे कि अब थेड़ी देर में यह शांत माहौल खूब हलचल में तबदील होने वाला है। हालांकि दोपहर 12 बजे के बाद मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा सहित आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर सीएम आवास पहुंचे। काफी संख्या में बढ़त दर्ज होने के बाद देपहर एक बजे के बाद सुरेश कश्यप और सुरेश भारद्वाज को कंधे पर उठाकर भाजपा कार्यकर्ता ढोल नगाड़ों के साथ मुख्यमंत्री के घर लाए। जश्न के माहौल में भाजपा कार्यकर्ताआें ने काफी बड़े मार्जिन से जीत लेने के बाद पटाखों से माहौल में गर्माहट डली। बारिश के साथ ढोल-नगाड़ों पर पहाड़ी नाटी की धुनों के साथ भाजपा कार्यकर्ताआें ने जश्न मनाया।

शिमला –चुनावी नतीजे आने के साथ ही कांग्रेस के पार्टी मुख्यालय में सन्नाटा पसर गया। न केवल पार्टी मुख्यालय, बल्कि होलीलॉज में भी यही आलम था। चुनाव परिणामों का रूझान देखकर कांग्रेस के नेता व कार्यकता मायूस हो गए। पार्टी मुख्यालय में सुबह से ही ऐसा माहौल था, जहां पहले कोई नेता नहीं पहुंचा। बाद में पार्टी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर यहां आए, लेकिन उनका चेहरा भी मायूसी भरा था। उनके साथ दूसरा कोई नेता यहां नजर नहीं आया। कांग्रेस कार्यालय हॉलीलाज में सुबह से दोपहर तक नाममात्र कार्यकर्ता व पदाधिकारी दिखे। राज्य के हर बूथ से भाजपा प्रत्याशियों की भारी बढ़त को देखकर कार्यकर्ता आश्चर्यचकित दिखे। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर 11ः48 बजे कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने कार्यकताओं और पदाधिकारियों से हर बूथ की फीडबैक ली। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव परिणाम के जो रूझान सामने आ रहे हैं, उससे साफ हो गया है कि भाजपा भारी बहुमत से सरकार बना रही है। चुनाव में हार के लिए कांग्रेस राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर पर विश्लेषण करेगी और बैठकर हार के कारणों का निष्कर्ष निकालेगी। उन्होंने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं व नेताओं से आग्रह किया है कि वे हार के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार न ठहराएं। हार-जीत जीवन के दो पहलू हैं। संगठन को मजबूत बनाने के लिए भविष्य में एकजुट होकर कार्य करें।

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