कभी बारिश, तो कभी प्रचंड धूप

करसोग—मौसम में स्थिरता न होने के चलते किसान तथा बागबान अपनी फसलों के भविष्य को लेकर बुरी तरह चिंतित दिखाई दे रहे हैं। एक तरफ  जहां आसमान से प्रचंड गर्मी का कहर शुरू हो चुका है, तो वहीं कुछ क्षेत्रों में सेब के पौधों से ड्रापिंग होने के कारण बागबानी के चेहरे पर परेशानी स्पष्ट पढ़ी जा सकती है, वहीं दूसरी तरफ  कभी वर्षा तो कभी धूप किसानों-बागबानों को फसलों के रख-रखाव को लेकर भी कई प्रकार के रोड़े अटका रही है। कभी भयंकर वर्षा होने पर लोगों को मौसम सर्दी की याद करवा रहा है, तो धूप निकलते ही प्रचंड गर्मी का कहर महसूस किया जा सकता है। हालांकि आजकल गर्मियों के मौसम दौरान मौसम गर्म ही होना चाहिए, ताकि किसानों को गंदम समेटने का सही मौका मिल सके व सेब के बगीचों में भी बागवानों को रखरखाव के लिए समय मिल सके परंतु दो-चार दिन की धूप के बाद फिर से वर्षा का कहर देखने को मिल रहा है, जिसको लेकर किसान बागबान यह समझ ही नहीं पा रहे हैं कि आखिर मौसम केैसी करवट ले रहा है कुछ क्षेत्रों में तो पौधों से सेब की ड्रापिंग होने संबंधी भी जानकारी मिल रही है, जिसको लेकर बागबान सोशल मीडिया तक अपनी चिंता प्रकट करते आ रहे हैं हालांकि कुछ बागवानों का कहना है कि ऐसी ड्रापिंग हर साल होती है परंतु मौसम के बदलाव को लेकर कुछ बागवानों का मानना है कि इसका बुरा प्रभाव ही फसलों पर पड़ रहा है। कुछ दिन पहले अचानक वर्षा के कारण गंदम की कुछ फसल जो कि खेतों में ही कटाई के बाद पड़ी उसे नुकसान पहुंचा। दो दिन के बाद फिर से वर्षा होने की बात आधुनिक तकनीक से प्राप्त होने बाद बताया जा रहा है, जिसको लेकर किसान दिन-रात गंदम की फसल समेटने के लिए पसीना बहा रहे हैं। बागबानी विभाग से युवराज ने कहा कि मौसम के आए दिन होने वाले बदलाव को लेकर कुछ स्थानों पर सेब की ड्रापिंग हो रही है, जो कि अभी बागबानों  के लिए ज्यादा चिंता का विषय नहीं है व कुछ सेटिंग फाल्स सेटिंग मानी जाती है, जबकि बागबानों को यह भी मशवरा दिया गया कि वह समय-समय पर उचित मात्रा में पानी का छिड़काव सेब के पौधों पर करें व इस बार सेब की फसल अच्छी होने की उम्मीद है।

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