करंट-बर्फ से भी आजादी का जुनून ठंडा नहीं

रैहन स्कूल में महान स्वतंत्रता सेनानी कामरेड रामचंद्र की जयंती आज

रैहन –महान स्वतंत्रता सेनानी कामरेड रामचंद्र जी का जन्म 23 मई, 1903 को प्रदेश के जिला कांगड़ा के गांव रैहन में पिता कृपा राम व माता फुलरानी के घर हुआ था। कामरेड रामचंद्र जी ने अपनी प्राइमरी शिक्षा रैहन और मिडल क्लास की शिक्षा अपने संबंधियों पास सुजानपुर (पंजाब) व कठुआ जे एंड के तथा मैट्रिक की शिक्षा व स्नातक तक की शिक्षा लाहौर से प्राप्त की। उन्होंने लाला लाजपत राय द्वारा संचालित नेशनल कालेज लाहौर से बीए की शिक्षा पूर्ण की। कामरेड रामचंद्र जी बचपन से ही क्रांतिकारी विचारों के थे, जो उन्हें अपने परिवार में पिता जी से मिले थे और इसी वजह से वह स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े। अंग्रेजों ने क्रांतिकारी गतिविधियों के कारण कृपा राम जी के सब बच्चों को सरकारी विद्यालयों से निकाल बाहर कर दिया था। उस समय नेशनल कालेज लाहौर में क्रांतिकारियों की पौध निकलती गई, जिसमें सरदार भगत सिंह, भगवती चरण, राजगुरु, सुखदेव, चंद्रशेखर आजाद, कामरेड प्रमुखता से शामिल थे। कामरेड ने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने पर लगभग दस वर्ष जेल काटी व देश की आजादी  की खातिर विभिन्न कठोर यातनाएं सहन कीं। उन्होंने अपने पांच वर्ष का एक इंश्योरेंस कंपनी में कमाया हुआ, वेतन कांग्रेस पार्टी के फंड में प्रदान किया।  बताते हैं कि इनका सूचना तंत्र बहुत दृढ़ और जबरदस्त था, जिस कारण इन्हें जेल में अलग  और कड़ी हिरासत में रखा जाता। हिरासत में वह फरार हो जाते थे, इनको बिजली के करंट व बर्फ की सिल्ली पर लिटा कर कठोर सजा दी जाती थी, परंतु अंग्रेजी हुकूमत की यातनाएं भी आजादी के परवाने कामरेड रामचंद्र जी को अपने सिद्धांतों  व इरादों से रोक न सकी।  महान स्वतंत्रता सेनानी कामरेड रामचंद्र ईमानदारी की ह्यशख्सियत के मालिक थे। कामरेड जी के चार बेटे और दो बेटियां थीं। बड़े दोनों बेटे युद्धवीर कपूर व रुद्रवीर कपूर स्वर्ग सिधार चुके हैं। दो बेटे डा. रणवीर कपूर व डा. कर्मवीर कपूर वर्तमान में इंग्लैंड में रहते हैं। उनके छोटे बेटे व उनकी पत्नी द्वारा अपने पिताजी के नाम पर कामरेड रामचंद्र ट्रस्ट चलाया जा रहा है। इस ट्रस्ट द्वारा कई स्कूलों के जरूरतमंदों बच्चों को वजीफे, समयानुसार गर्म, व शूज इत्यादि भेंट किए जाते हैं। कामरेड चंद्र जी का जन्मदिवस कामरेड रामचंद्र राजयकी वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रैहन में 23 मई को स्कूल स्टाफ, विद्यार्थियों व क्षेत्र के गणमान्य लोगों के सहयोग व उनके भतीजे धर्मवीर कपूर के संचालन द्वारा हर वर्ष मनाया जाता है।

 

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