कर्नाटक में शहीद जगदीश चंद के नाम पर बना नौसेना ब्लॉक

चुवाड़ी—कहते हैं कि शहादत का कोई मोल नहीं होता शहीदों की कुर्बानी को याद रखा जाए, यही उनकी शहादत को सच्ची श्रद्धांजलि है। दो जनवरी, 2016 को पठानकोट एयरवेज पर हुए आतंकी हमले ने सारे देश को हिला कर रख दिया था। उस हमले में कई जवान शहीद हुए थे उसी हमले में हिमाचल के भी दो जवानो ने शहादत का जाम पिया था । जिला कांगड़ा के संजीवन राणा और जिला चंबा के भटियात उपमंडल के हवलदार जगदीश चंद ने। शहीद जगदीश चंद ने अदभुत वीरता का परिचय देते हुए आतंकी की पिस्तौल से ही उसे मार गिराया और खुद भी देश पर कुर्बान हुए। उनकी वीरता के लिए उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। अभी हाल ही में कर्नाटक नौसेना शाखा ने भी हिमाचल के इस वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी। समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली जिला चंबा की अग्रणी संस्था राहुल फैमिली एंड फ्रेंडस क्लब चुवाड़ी जो समय समय पर शहीद परिवारों को सम्मानित करती है । आरएफसी के सदस्यों राम प्रसाद शर्मा, कनव शर्मा, आशीष बहल व  साहिल महाजन ने बताया कि शहीद जगदीश चंद के नाम पर कर्नाटक की नौसेना ने एक नए भवन का नामकरण किया है। आरएफसी को ये जानकारी किसी मित्र द्वारा कर्नाटक से भेजी गई, क्योंकि आरएफसी ने सबसे पहले शहीद जगदीश चंद के बेटे को सम्मानित करते हुए उसकी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाली थी। आरएफसी के सचिव कनव शर्मा ने बताया कि ये हमारे क्षेत्र के लिए एक गौरव की बात है कि हमारे भटियात के जवान की बहादुरी को पूरे देश मे सम्मान मिल रहा है। आरएफसी पिछले दो सालों से मांग कर रही है कि हिमाचल सरकार भी शहीद जगदीश चंद के नाम पर हिमाचल की कोई योजना शुरू करे। इसके लिए आरएफसी ने मुख्यमंत्री महोदय को व स्थानीय विधायक  विक्रम सिंह जरयाल को पत्र लिख कर उनसे आग्रह किया है कि भटियात उपमंडल में आने वाले दो कालेज सिहुंता और चुवाड़ी में से किसी एक कालेज का नाम शहीद जगदीश चंद के नाम पर रखा जाए। आरएफसी के सदस्यों का कहना है कि शहीद की बहादुरी युगों युगों तक याद रहे और आने वाली पीढ़ी उनसे प्रेरणा ले इसके लिए आवश्यक है कि हम शहीदों को सम्मान करें और उनके नाम पर स्कूल, कालेज के नाम हो ताकि शहीद होने वाला जवान आने वाली पीढ़ी के दिलो में हमेशा जिंदा रहे। अतः मुख्यमंत्री से निवेदन है कि आरएफसी की ये मांग पूरे हिमाचल की मांग है अतः इस मांग को पूरा करके शहादत को सम्मान दें।

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