कर्मचारियों को दी ईवीएम की ट्रेनिंग

शिमला—19 मई को होने वाले 15वीं लोकसभा के सातवें और अंतिम चरण के मतदान के लिए हिमाचल प्रदेश में चुनाव आयोग ने कमर कस ली है। प्रदेश में 7730 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिसमें 30 हजार से अधिक अधिकारी और कर्मचारियों की चुनाव में ड्यूटी लगाई गई है। मतदान की तारीख नजदीक आते ही चुनाव आयोग ने ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को ईवीएम और वीवीपैट के संचालन का प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है। चुनाव आयोग कर्मचारियों की तीन चरणों में ईवीएम संबंधी रिहर्सल करवा रहा है। इसी के तहत चुनाव आयोग ने दूसरे चरण की रिहर्सल में शिमला जिला के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को शिमला के पोर्टमोर स्कूल में ईवीएम और वीवीपैट की ट्रेनिंग दी। सहायक निर्वाचन अधिकारी शिमला नीरज चांदला ने बताया कि 19 मई को होने वाले लोकसभा चुनावों में कार्यरत कर्मचारियों को ईवीएम और वीवीपैट संबंधी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे चुनाव के दिन लोगों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े और चुनाव भी शांतिप्रिय तरीके से संपन्न हो सकें। उन्होंने कहा कि इस दो दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम में 1150 कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। नीरज चांदला ने बताया कि 15 मई को कर्मचारियों को पोलिंग स्टेशन के लिए ईवीएम के साथ रवाना कर दिया जाएगा और 16 व 17 मई को चुनाव संबंधी अंतिम प्रशिक्षण कर्मचारियों को दिया जाएगा। 18 मई को कर्मचारी पोलिंग स्टेशन में जाकर चुनाव संबंधी सभी तैयारियां कर लेंगे। शिमला जिला का रामपुर विधानसभा क्षेत्र मंडी संसदीय क्षेत्र में आता है और मंडी संसदीय सीट पर सबसे ज्यादा 17 प्रत्याशी चुनाव में हैं इसलिए वहां पर डबल ईवीएम मशीन के साथ पोस्टर बैलेट से चुनाव होंगे।

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