कांगड़ा में माता के बाग वाले पार्क के दीदार को तरस रहे भक्त

बज्रेश्वरी देवी की पावन नगरी में स्थल का उद्घाटन न होने से लाखों श्रद्धालुओं को नहीं मिल पा रही सुविधा

कांगड़ा –बज्रेश्वरी देवी की पावन नगरी कांगड़ा में माता के बाग वाले स्थल पर भक्त पार्क से महरूम हैं। कारण बताया जा रहा है कि शासकों के पास इस पार्क का उद्घाटन करने  की फुर्सत नहीं है। नतीजतन यहां पर्यटन सीजन में यहां आने वाले लाखों भक्त इस पार्क का दीदार नहीं कर पा रहे हैं। वैसे यह पार्क पिछले साल ही बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन इसका उद्घाटन न हो पाया है। लोकसभा के  चुनाव प्रचार के जश्न के बाद अब जबकि मोदी की ताजपोशी की तैयारियों का दौर शुरू है। चुनाव आचार संहिता भी खत्म हो चुकी है, लेकिन शासकों के पास पार्क के  उद्घाटन के लिए फुर्सत न होना समझ से परे है। लोगों का कहना है कि इस पार्क को बिना उद्घाटन के ही जनता को सौंप देना चाहिए, वरना करोड़ों के प्रोजेक्ट पर लाखों रुपए और खर्च हो सकते हैं, हो पाएगा। मिली जानकारी के अनुसार  एशियन डिवेलपमेंट बैंक छह-सात माह पहले ही इस पार्क को टेकओवर करने के लिए कांगड़ा प्रशासन से आग्रह कर चुका है , लेकिन  न तो  इस पार्क को टेकओवर करने की प्रशासन ने जहमत उठाई और न ही  शासकों को इस पार्क को जनता को समर्पित करने के लिए  समय मिला। इस गार्डन में तीन हट्स भी  बनाई गई हैं। इसके अलावा कैफेटेरिया भी बनाया गया है । आउटडोर इंडोर मीटिंग एरिया भी यहां  है तथा एम्प्टी  थियेटर भी बनाया गया है। दो टॉयलेट ब्लॉक भी लोगों की सुविधा के लिए यहां बनाए गए है। करीब आठ कनाल के भू-खंड पर  3.30 करोड़ की लागत से बने इस पार्क में रात्रि  रोशनी की जगमगाहट भी होगी । पहले जिला पर्यटन अधिकारी डा.  मधु चौधरी ने कहा था कि इस पार्क का  निर्माण  पूरा कर लिया गया है  और  दिसंबर माह में  यह पार्क जनता को समर्पित कर दिया जाएगा, लेकिन ऐसा हो न पाया। दीगर है कि इस पार्क के चालू होने से एक लंबे अरसे के बाद  धार्मिक  पर्यटक माता के बाग की तरफ आकर्षित होंगे। जाहिर तौर पर इससे कांगड़ा में पर्यटन को पंख लगेंगे और यात्रियों की संख्या में इजाफा होगा। उल्लेखनीय है कि पार्क  का निर्माण  कंप्लीट कर लिया गया है और यहां पहुंचने वाले मार्ग  को भी उसके अनुरूप  बनाना होगा और साथ में इस  पूरे रास्ते पर रोशनी की व्यवस्था भी  करनी होगी, तभी उद्देश्य सार्थक होंगे । जाहिर तौर पर इस योजना के तैयार हो जाने से कांगड़ा में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन शासकों व प्रशासकों की उदासीनता की वजह से लोग इस से महरूम हैं और जाहिर तौर पर उद्घाटन के लेट होने की वजह से आने वाले समय में इस इस पार्क की चमक को बरकरार रखने के लिए और खर्चा भी उठाना पड़ सकता है।

आठ माह पहले पार्क का हुआ था काम पूरा

गौरतलब है कि एशियन डिवलपमेंट बैंक के द्वारा माता के बाग वाले स्थल पर बनाए गए पार्क का कार्य  आठ माह पहले ही मुकम्मल हो गया है, लेकिन इसका उद्घाटन हो पाया। इस पार्क के चालू हो जाने से यहां धार्मिक पर्यटकों व स्थानीय लोगों  को सैर के लिए  खुला स्थान मिलेगा  और साथ ही  लोग  फाउंटेन विद वाटर  बॉडी  का लुत्फ  भी लोग उठा पाएंगे।

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