कांग्रेस के पास न, नेता न ही नेतृत्व

शिमला—प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कांग्रेस में परिवारवाद पर प्रहार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। लोकसभा चुनावों में भाजपा की प्रचंड जीत और कांग्रेस चारों खाने चित होने पर अब मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के मंत्री काफी उत्साहित हैं। सोमवार को शिमला में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि कांग्रेस में जब तक परिवारवाद है तब तक कुछ नहीं हो सकता। पूर्व में देश करीब 55 साल तक कांग्रेस के हवाले था, लेकिन भ्रष्टाचार का बोलबाला रहा। विकास के नाम पर सिर्फ परिवारवाद का ही नाम रहा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस बार के लोकसभा चुनाव में हिमाचल की चारों सीटों पर लाखों मतों से जीत दर्ज कर भाजपा ने इतिहास रचा। यह ऐसी लीड है जो न तो टूटेगी और न ही हम तोड पाएंगे। विपिन सिंह परमार ने कहा कि कांग्रेस में आज देश और प्रदेश में राजनीतिक संकट हो चुका है। आज कांग्रेस के पास न तो नेता है और न ही नेतृत्व। देश को चलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा नेतृत्व चाहिए जो इस बार भी देश की जनता ने फैसला किया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पिछले दो महीने से अधिक समय तक आचार संहिता लागू थी, जिस कारण काफी कार्य रुके पड़़े हैं। उन्होंने कहा कि आचार संहिता हट चुकी है और प्रदेश में विकास की रफ्तार तेज होगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने अपने पूर्व के पांच साल के अंतराल में हिमाचल का ख्याल रखा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई योजनाएं शुरू कीं। विपिन सिंह परमार ने कहा कि प्रदेश की जयराम सरकार ने भी अपने 16 महीने के कार्यकाल के दौरान प्रदेश के हर क्षेत्र का विकास करवाया, जिसके चलते आज प्रदेश की चारों सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों को लाखों मतों से जीत मिली।

लंबित फाइलें निपटाते रहे परमार

चुनावों के दौरान प्रदेश सचिवालय में लंबित पड़़ी फाइलों को अब स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार निपटाने में जुट गए हैं। सोमवार को सचिवालय पहुंचने के बाद यहां वह स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ कई विषयों पर चर्चा करते दिखे। इस दौरान विशेष सचिव स्वास्थ्य निपूण जिंदल सहित स्वास्थ्य महकमे के कई अफसरों के साथ लंबित कार्यों पर चर्चा की गई।

शिक्षा मंत्री के पास शिक्षकों की भीड़़

शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज के कार्यालय में शिक्षकों की भीड़ लगी रही। लोकसभा चुनाव समाप्त होने के बाद अब सभी मंत्री धीरे-धीरे सचिवालय में उपस्थित रहेंगे। हालांकि इन दिनों भाजपा नेता जीत के जश्न में डूबे हैं, लेकिन आने वाले पहली जून से सचिवालय में रौनक लौटेगी।

You might also like