कांग्रेस के 40 स्टार प्रचारक तय, भुला दिए पुराने नेता

चुनाव आयोग से मिली मंजूरी, पूर्व अध्यक्षों का नाम नहीं

शिमला – कांग्रेस के 40 स्टार प्रचारकों की सूची को चुनाव आयोग ने मंजूरी दे दी है। इसके बाद पांच नामों की एक और सूची कांगे्रस ने आयोग को दी है, लेकिन सभी राजनीतिक दलों के 40 नाम ही मंजूर किए गए हैं, लिहाजा इसमें अब नए नाम शामिल होंगे या नहीं यह कहा नहीं जा सकता। कांग्रेस अपने वरिष्ठ नेताओं को  इस मंजूर हुई सूची में नहीं डाल पाई और कई ऐसे लोगों के नाम उसने डाल दिए हैं, जो संगठन में ओहदेदार हैं, परंतु उनका लोगों में कोई वर्चस्व ही नहीं। आखिर ऐसे कैसे हो गया यह कहा नहीं जा सकता। चुनाव आयोग से मंजूर कांग्रेस की स्टार प्रचारकों की सूची में राहुल गांधी, सोनिया गांधी, डा. मनमोहन सिंह, प्रियंका गांधी, गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, रजनी पाटिल, केसी वेणुगोपाल, मुकुल वासनिक, सुष्मिता देव, रणदीप सिंह सुरजेवाला, अशोक गहलोत, कमलनाथ, कैप्टन अमरेंद्र सिंह, राजीव शुक्ला, हरीश रावत, गुरकिरत सिंह, सचिन पायलट, नवजोत सिंह सिद्धू, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुलदीप राठौर, वीरभद्र सिंह, सुधीर शर्मा, राजेश धर्माणी, राज बब्बर, आशा कुमारी, मुकेश अग्निहोत्री, पंडित सुखराम, प्रवीण डावर, जीएस बाली, रजनीश किमटा, जैनब चंदेल, हरिकृष्ण हिमराल, धर्मेंद्र, राकेश चौहान, चक्रवर्ती शर्मा, उदित राज, यशपाल तनैक, डा. कैलाश पराशर व कंवर अजय बहादुर के नाम शामिल हैं। बता दें कि इसमें पूर्व अध्यक्षों व वरिष्ठ नेताओं का नाम नहीं हैं।

पार्टी के वरिष्ठ नेता खफा, बाद में डाला प्रचारकों की सूची में

शिमला – कांग्रेस संगठन में बदलाव क्या हुआ, पुराने नेताओं को जैसे भुला ही दिया गया। पार्टी ने अपने स्टार प्रचारकों की सूची में उन पूर्व अध्यक्षों के नाम नहीं डाले थे, जो कि पहले संगठन को अपने कई साल दे चुके हैं और अभी भी सक्रिय राजनीति में हैं। कांग्रेस ने स्टार प्रचारकों की सूची में पांच पूर्व अध्यक्षों के नाम डाले हैं, जिनका जिक्र पहले एक सूची में था, परंतु चुनाव आयोग को भेजी सूची में उनके नाम नहीं थे। अब दोबारा से इनको जोड़ा गया है, परंतु अब आयोग इनको सूची में जोड़ेगा या नहीं यह देखने वाली बात है। वैसे बताते हैं कि बाद ही सूची में आयोग उन्हें नहीं जोड़ता, इसलिए पहले से विस्तृत सूची मांगी जाती है। बाद में प्रचारकों की सूची में नाम डालने से पूर्व अध्यक्ष खफा हैं। इसमें विद्या स्टोक्स, कौल सिंह ठाकुर, विप्लव ठाकुर, सुखविंदर सुक्खू व कुलदीप कुमार के नाम हैं। इस मामले को लेकर एक पूर्व अध्यक्ष खफा हैं, जिनका कहना है कि जब उन्हें प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी जानी थी और वह सक्रिय राजनीति में हैं, तो पहले उनके बारे में क्यों नहीं सोचा गया। पहले बनाई सूची, जो कि आयोग को सौंपी गई, उसमें नाम क्यों नहीं था।

संगठन में उपज रहे विवाद

कांग्रेस में लगातार एक के बाद एक  संगठन के भीतर ही विवाद उपज रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरभद्र सिंह ने जहां संगठन के नेताओं की नींद उड़ा रखी है, जो न जाने कहां पर क्या बोल दें, कोई पता नहीं उसपर कांग्रेस संगठन के नेता वरिष्ठ नेताओं की इस तरह से अनदेखी कर रहे हैं, जिससे चुनावी माहौल में नेताओं में नाराजगी बढ़ रही है। यह नाराजगी इस समय बढ़नी नहीं चाहिए, अन्यथा पार्टी को इसका नुकसान झेलना पड़ सकता है।

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