कांग्रेस को अब तक सबसे कम वोट

हिमाचल में इस बार पार्टी को 23त्न मतदान 1971 में मिले थे सर्वाधिक 75.8 फीसदी मत

धर्मशाला —देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस के लिए हिमाचल में अब तक के इतिहास में सबसे कम वोटिंग इस बार के लोकसभा चुनावों में हुई है। लोकसभा 2019 के चुनावों में कांग्रेस पार्टी के पक्ष में प्रदेशवासियों ने कुल वोटिंग का मात्र 23 प्रतिशत मतदान किया है। प्रदेश की चार लोकसभा सीटों में से इस बार के चुनावों में कांगे्रस पार्टी के हमीरपुर लोस क्षेत्र के प्रत्याशी रामलाल ठाकुर को तीन लाख 83 हजार 120 सर्वाधिक मत हासिल हुए। इसके बाद शिमला लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी धनीराम शांडिल को दो लाख 78 हजार 268 वोट पड़े हैं। इसी तरह मंडी से आश्रय शर्मा को दो लाख 41 हजार 730 वोट और सबसे कम कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के प्रत्याशी पवन काजल को दो लाख 47 हजार 595 मत जनता ने दिए हैं। कांग्रेस पार्टी के पक्ष में यह अब तक की सबसे कम वोटिंग हुई है। अब तक के चुनावों में कांग्रेस पार्टी को सर्वाधिक वोट 1971 के लोस चुनावों में 75.8 रिकार्ड वोट पड़े हुए हैं, जबकि न्यूनतम वोटों की ओर देखा जाए, तो इससे पूर्व लोस चुनाव 1977 में 38.6 प्रतिशत, 1999 के चुनावों लोस चुनावों में 39.5, 2014 के चुनावों में 41.1 प्रतिशत, 1998 के चुनावों में 41.9 प्रतिशत, 1989 में 42 प्रतिशत, 2009 में 45.6 प्रतिशत, 1991 में 46.2 प्रतिशत, 1957 में 47.3 प्रतिशत, 1967 में 48.4 प्रतिशत, 2004 में 51.9 प्रतिशत, 1952 में 52.4 प्रतिशत, 1996 में 54.3 प्रतिशत, 1984 में 67.6 प्रतिशत, 1962 में 68.6 प्रतिशत और 1971 के चुनावों में कांग्रेस के पक्ष में सर्वाधिक वोटिंग 75.8 प्रतिशत दर्ज की गई है। इसके साथ-साथ प्रदेश में कांग्रेस लगातार दूसरी बार क्लीन स्वीप हुई है।

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