कांग्रेस को ओवर कॉन्फिडेंस ले डूबा

रामपुर बुशहर—मंडी सीट से भाजपा प्रत्याशी की जीत का अनुमान पहले से लगाया जा रहा था, लेकिन इस जीत में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के गृहक्षेत्र से भी जबरदस्त लीड आएगी यह किसी ने नहीं सोचा था। खासकर कांग्रेस यहां से अपनी गत लोस चुनाव की दस हजार की लीड को न केवल बरकरार मानकर चल रहे थे बल्कि इसे बढ़ा हुआ मान  रहे थे, जबकि भाजपा ने बड़ी ही बारीकी से इस बार चुनाव प्रचार किया और हर क्षेत्र में लोगों को जोड़ने का काम किया, अगर एक माह के भीतर के समीकरणों को देखें तो भाजपा ने कांग्रेस के कई अहम लोगों को अपनी पार्टी में जोड़ा, जिसमें पूर्व खाद्य एवं आपूूर्ति मंत्री सिंघीराम, कांग्रेस महिला कमेटी की अध्यक्षा का पति दौलतराम व अन्य कई पूर्व कांंग्रेस नेताओं ने भाजपा का दामन थापा तो यहां के स्थानीय कांग्रेस नेताओं का कहना था कि इन लोगों के कांग्रेस छोड़ने से कुछ नहीं होता। ऐसे में रामपुर से कांग्रेस को ओवर कॉन्फिडेंस ले डूबा। जहां कांग्रेस को गत चुनावों में रामपुर क्षेत्र से दस हजार की लीड मिली थी। उस लीड को इस बार भाजपा ने न केवल खत्म किया बल्कि 11 हजार 550 की लीड हासिल कर कांग्रेस की चूलंे हिला दी हंै। आंकड़ों पर गौर करें तो 2014 के चुनाव में कांग्रेस के ग्राफ में 32 फीसदी गिरावट दर्ज की गई थी। जबकि भाजपा ने उस चुनाव में 20 फीसदी वोट बैंक को बढ़ाया था। इस बार रामपुर से कांग्रेस को कुल मत के केवल 33 फीसदी मत मिले है, जबकि भाजपा को 55 फीसदी मत हासिल हुए। ऐसे में जहां भाजपा ने कुल मत में इजाफा किया। वहीं, गत चुनाव के बाद भाजपा के ग्राफ में 40 फीसदी का उछाल हासिल किया है।

सिघीं के भाजपा में आने से बदले समीकरण

कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाकर जबरदस्त जीत हासिल करने पर भाजपा गदगद है। इस चुनाव में सभी ने गंभीरता से प्रचार किया। वहीं, हाल ही में भाजपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री सिंघी राम ने भी चुनावी समीकरण को बदलने में अहम रोल अदा किया। आरक्षित सीट होने के कारण रामपुर में अधिकतर अनुसूचित जाति का वोट भाजपा के पक्ष में पड़ा। ऐसे में रामपुर विस क्षेत्र में भाजपा मजबूत बनकर उभरी है।

स्थानीय विधायक के गृहक्षेत्र में भाजपा को लीड

इस लोकसभा चुनाव में भले ही भाजपा ने जबरदस्त जीत दर्ज की हो, लेकिन इस जीत से कांग्रेस के स्थानीय नेताओं की चूले हिल गई हैं। यहां तक कि रामपुर के स्थानीय विधायक के गृहक्षेत्र देवठी वार्ड से भाजपा को लीड है। कांग्रेस का वोट बैंक कहे जाने वाला दत्तनगर वार्ड, रचोली, बाहली, ननखड़ी क्षेत्र से भाजपा को लीड मिली है। कांग्रेस इस बात को पचा नहीं पा रही है कि आखिर एकदम से भाजपा का वोट बैंक 21 हजार से बढ़कर 28 हजार कैसे हो गया। यानी सीधे भाजपा ने आठ हजार की बढ़त हासिल की है।

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