कांग्रेस संगठन से दो कदम आगे सुक्खू

कार्यकारिणी की बैठक से पहले ही समर्थित विधायकों के साथ राहुल के नाम भेजा पत्र

शिमला – कांग्रेस संगठन में बेशक बदलाव हो चुका है, लेकिन खुद को सरपरस्त बताने में अभी भी कांगे्रस के गुट पीछे नहीं हैं। पार्टी के नए अध्यक्ष कुलदीप राठौर वीरभद्र सिंह के साथ  कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं, जो कि पूर्व अध्यक्ष सुखविंदर सुक्खू को हजम नहीं हो पा रहा है। ऐसे में कांगे्रस संगठन से आगे बढ़कर सुक्खू बार-बार अपनी ताकत दिखाने की कोशिशों में जुटे हैं। प्रदेश कांगे्रस कमेटी की बैठक से पहले ही सुक्खू ने अपने समर्थक विधायकों के साथ मिलकर एक पत्र राहुल गांधी के नाम भेज दिया, जबकि ऐसा सिंगल लाइन का प्रस्ताव बुधवार को कांग्रेस पार्टी ने पारित किया। संगठन के साथ चलने की बजाय सुक्खू ने खुद ऐसा कदम उठा दिया, जिससे साफ हो गया कि अब सुक्खू और राठौर के बीच भी सब कुछ ठीक नहीं है। चुनाव में भी यह सब बातें सामने आ चुकी हैं, क्योंकि पूरे चुनाव में भी यह दोनों नेता एक साथ कहीं पर नहीं दिखे। इससे पहले कांग्रेस की हार को लेकर भी सुक्खू ने पार्टी अध्यक्ष से पहले ही कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया था, जिसके बाद अध्यक्ष ने पत्रकार वार्ता की। ऐसे मौकों पर सुक्खू कांग्रेस संगठन से दो कदम आगे दौड़ रहे हैं। राहुल गांधी के नाम जो पत्र मंगलवार को भेजा गया है, उसमें 14 विधायकों के नाम दर्ज हैं, जिनके अलावा ऐसे नाम भी हैं, जो कि वीरभद्र सिंह के समर्थक हैं। अब उनका यह दावा सही है या नहीं यह कहा नहीं जा सकता, लेकिन सभी चाहते हैं कि राहुल गांधी अध्यक्ष के पद से न हटें। वैसे यह मामला पूरी तरह से राहुल गांधी का है, लेकिन कांगे्रस इस तरह का दबाव उन पर बना रही है। वीरभद्र सिंह ने सुक्खू के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है, वहीं सुक्खू भी लगातार पलटवार कर रहे हैं। इसमें अब वीरभद्र सिंह के साथ राठौर भी जुड़ गए हैं, भले ही सार्वजनिक रूप से वह सुक्खू का विरोध नहीं कर रहे हैं, परंतु वीरभद्र सिंह का पूरा बचाव भी कर रहे हैं।

प्रभारी तक पहुंचा मामला

सिंगल लाइन प्रस्ताव के लिए बुलाई गई बैठक से पहले कैसे सुक्खू ने अपने साथियों को लेकर प्रस्ताव भेज दिया, यह भी चर्चा का विषय है, जिसे लेकर कांग्रेस नेताओं ने पार्टी कार्यालय में चर्चा भी की है। बहरहाल, सुक्खू की यह दौड़ उन्हें जिताती है या फिर राठौर उनको पीछे छोड़ देंगे यह आने वाला समय बताएगा, लेकिन मामला पार्टी प्रभारी तक पहुंच चुका है।

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