काउंटिंग…मंत्री का एजेंट आउट

इस बार अधिकारियों-कर्मचारियों को दबाव से निकालने के लिए चुनाव आयोग ने अपनाई अनूठी तरकीब    

धर्मशाला  —चुनाव आयोग ने मतगणना केंद्रों को दबाव व प्रभाव मुक्त बनाने के लिए सख्त निर्णय निर्णय लिया है। ऐसा पहली बार होने जा रहा है कि मंत्री, विधायक, सांसद व अन्य उच्च पदों पर विराजमान जनता के प्रतिनिधि काउंटिंग में भाग नहीं ले पाएंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि मतगणना के समय केंद्र में माहौल शांतिपूर्ण व सौहार्द भरा रहे और निर्धारित नियमों के तहत ही सारी प्रक्रिया चले। काम में लगे अधिकारी या कर्मचारी किसी भी प्रभाव में न आएं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त कांगड़ा संदीप कुमार ने  बताया कि चुनाव आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अनुपालना में किसी भी केंद्रीय मंत्री या राज्य सरकार के मंत्री, संसद सदस्य, विधानसभा, विधान परिषद के सदस्य, निगम के मेयर, निगम के अध्यक्ष, जिला परिषद या पंचायत संघ के सदस्य, चुनाव के दौरान किसी भी उम्मीदवार के मतगणना एजेंट के रूप में कार्य नहीं कर पाएंगे। उन्होंने बताया कि विशिष्ठ व्यक्तियों की सुरक्षा को देखते हुए चुनाव आयोग द्वारा यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि मतगणना प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण रूप से संपूर्ण करने के लिए आयोग द्वारा यह दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इससे ्रमतगणना में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों पर किसी प्रकार का दबाव न रहे।  

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