कारवां-ए-अमन बस सेवा सातवें सप्ताह भी स्थगित

 जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) की राजधानी मुजफ्फराबाद के बीच चलने वाली कारवां-ए-अमन बस लगभग एक माह बाद सोमवार को भी स्थगित रही। यह बस सेवा चार मार्च से स्थगित है। पाकिस्तान में फंसे कश्मीरियों को हालांकि 21 अप्रैल और पीओके से यहां आकर फंसे लोगों को 29 अप्रैल को सीमा पार कर लौटने की इजाजत दी गयी। नियंत्रण रेखा के इस ओर उरी सेक्टर में भारतीय सैनिकों की अंतिम चौकी कमान पोस्ट के समीप अमन सेतु पर मरम्मत का काम चलने के कारण चार मार्च से कारवां -ए-अमन बस सेवा स्थगित है। मरम्मत का काम पूरा होने पर नियंत्रण रेखा के दोनों तरफ बस सेवा बहाल कर दी जायेगी।पीओके से यहां आये तीन लोग 29 अप्रैल काे अपने घर लौट गये वहीं पीओके में फंसे दो भारतीय 21 अप्रैल को यहां आये। बस सेवा स्थगित होने के कारण दोनों देशों के बीच व्यापार भी स्थगित हो गया हालांकि बाद में गृह मंत्रालय ने भी इस खुफिया रिपोर्ट के बाद व्यापार पर रोक लगा कि असामाजिक तत्व इससे मिले पैसों का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में हिंसा को बढ़ावा देने में करते हैं। गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के प्रयासों के तहत इस बस सेवा का शुभारंभ सात अप्रैल 2005 को किया गया था। इस यात्रा के लिए अंतरराष्ट्रीय पासपोर्ट की जगह दोनों देशों की ओर से यात्रियों के लिए ‘यात्रा परमिट’ जारी किया जाता है। खुफिया एजेंसियों की जांच के बाद ही सीमा पार करने के इच्छुक लोगों को परमिट मिल पाता है। बंटवारे के समय अपने परिवारों से अलग हुए हजारों लोगों को इस बस की वजह से दोबारा अपने परिजनों से मिलने का अवसर मिला है

 

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