कालेजों में शुरू नहीं हुई कॉमर्स लैब

सरकार की योजना पर नहीं हुआ काम, छात्रों को मिलनी थी प्रैक्टिकल सुविधा

शिमला – हिमाचल सरकार ने प्रदेश के कालेजों में बीकॉम कर रहे छात्रों की सुविधा के लिए कॉमर्स लैबोरेटरी बनाने की घोषणा की थी। हैरत है कि अभी तक यह सुविधा कालेजों में छात्रों को नहीं मिल रही है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि शिक्षा को लेकर भी राजनेता सत्ता में आकर केवल युवाओं को सपने क्यों दिखाते हैं। पिछले वर्ष जब शिक्षा मंत्री ने यह घोषणा की थी, तो कहा गया था कि कालेजों में बीकॉम- एमकॉम कर रहे छात्र अब लर्न करने के साथ अर्न भी कर पाएंगे। प्रदेश में पहली बार कॉमर्स के छात्रों को थियोरी के साथ-साथ प्रैक्टीकल स्टॉक मार्केट के बारे में जानकारी मिलनी थी। राज्य सरकार ने हिमाचल के दस कालेजों को एक्सीलेंस कालेज का दर्जा देने के साथ यहां पर कॉमर्स लैब स्थापित करने का निर्णय लिया था। हालांकि इस पर अभी तक ज्यादा कोई कार्य नहीं हो पाया है। हालांकि शिमला के एक्सीलेंस कालेज संजौली से लैब की शुरुआत हो गई है। हिमाचल के कालेजों में आज तक केमिस्ट्री, बायोलॉजी, जिओग्राफी और साइंस से जुड़े विषयों की ही लैब स्थापित होती आई है। वहीं, पहली मर्तबा कॉमर्स के छात्र पढ़ाई के साथ स्टॉक मार्केट के उतार-चढ़ाव के बारे में भी लैब के माध्यम से जान सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। राज्य सरकार ने दावा किया था कि दस कालेजों में स्थापित होने वाली इन लैब में देश की बड़ी इंडस्ट्रीज के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा। सरकार ने पिछले वर्ष कहा था कि कॉमर्स लैब मेें स्टॉक खरीदने के लिए 50 लाख की करंसी खरीद ली गई है। वहीं, शिक्षा मंत्री का कहना है कि उच्च शिक्षा में आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए 500 करोड़ का बजट इस योजना में शामिल किया गया है।

धीमी गति से चल रही प्रक्रिया

संजौली कालेज के अलावा अन्य कालेजों में कॉमर्स लैब खोलने की प्रक्रिया बहुत धीमी गति से चल रही है। बता दें कि दस कालेजों में स्थापित होने वाली इस लैब से हर साल 500 छात्रों को ट्रेनिंग देने की योजना थी। वहीं, उनकी प्लेंसमेंट भी उन्हीं कंपनियों के माध्यम से करवाई जानी थी। साथ ही युवा अपना बिजनेस भी आसानी से चला सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया है।

 

 

 

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