काशापाट में मकान राख

रामपुर बुशहर—रामपुर की सबसे दुर्गम पंचायत काशापाट में शनीवार रात को एक मंजिला मकान के चार कमरे जल कर स्वाह हो गए। इस मकान में दो भाईयों राकेश कुमार व राज कुमार पुत्र फागीराम गांव काशापाट का परिवार रहता था। जिस वक्त ये हादसा हुआ दोनों भाई पंचायत से बाहर गए हुए थे। घर पर केवल राजकुमार की बेटी संुदरी ही थी। रात को जब घर में आग लगी तो सुंदरी अपनी एक सहेली के साथ एक कमरे में सोई हुई थी। आग पहले एक कमरे में लगी। जिसके बाद आग बेकाबू हो गई। तब तक इस आगजनी का किसी को पता नहीं था। जिस कमरे को आग ने अपने आगोश में ले लिया था उस कमरे से दुसरे कमरे को एक खिड़की थी। दुसरे कमरें में सुंदरी और उसकी सहेली सोई हुई थी। खिड़की पर एक प्लास्टिकनुमा एक पर्दा लगा था। जब इस पर्दे ने आग पकड़ी तो वह पिघलकर सुंदरी की बाजू पर गिरा और सुंदरी एकदम उठ खड़ी हुई। उसने देखा कि साथ लगे कमरे से धुंआ और आग आ रही है। उसने तुरंत अपनी सहेली को उठाया और बाहर की और भागी और इस घटना की सूचना आसपास के लोगों को दी। जब तक ग्रामीण समझ पाते तब तक आग ने पूरे घर को अपने आगोश में ले लिया था। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया। लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस घर में राकेश कुमार और राजकुमार का परिवार रहता था। घटना वाले दिन राकेश कुमार सराहन में था। उसने अपने परिवार के सदस्यों को भी अपनी साथ ले गया था। जबकि राजकुमार अपनी पत्नी के साथ मशनू शादी समारोह में गए थे। दोनों परिवारों के लिए ये आगजनी की घटना गहरे जख्म दे गई। अब परिवार के सदस्यों के पास सिर छुपाने को कोई छत नहीं है। दोनों को जब इस घटना का पता चला तो वह मौके पर पहुंचे। जहां सिर्फ राख के सिवाय और कुछ नहीं था। गनीमत ये रही कि इस हादसे में जानी नुकसान नहीं हुआ। सड़क सुविधा से अभी तक पिछड़ी इस पंचायत में पहुंचने के लिए पांच घंटे का समय लगता है। ऐसे में प्रशासन की तरफ से मौके पर रविवार शाम तक फौरी राहत पहुंचने की उम्मीद है।

पांच घंटे का पैदल सफर, शुक्र है कि सुंदरी ज्यादा नहीं झुलसी

काशापाट पंचायत अभी भी सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाई है। ऐसे में अगर यहां पर कोई बिमार भी हो जाता है तो उसे अस्पताल तक पहंुचाना चुनौती भरा रहता है। ऐसे में अगर इस आगजनी में 7 वर्षीय संुदरी ज्यादा झुलस जाती तो उसे कम समय में अस्पताल पहुंचाना चुनौतीपूर्ण होता।

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