किसके सिर सजेगा ताज, फैसला आज

पंचरुखी -लोकसभा चुनावों की प्रतियोगिता के नतीजे आखिरी चरण में हैं व प्रतियोगिता के आखिर ओवर फेंकना जारी हैं। इन ओवरों में किसी को दो से तीन रन तो किसी को खाता खोलना है। परिणाम का  फैसला अंतिम  बाल (23) मई को फेंका  जाएगा। इस दिन ही पता चलेगा कि प्रत्याशियों के बल्ला भारत की तरह दनदनाएगा या  पाकिस्तान  की तरह ठूस हो जाएगा। मतदाताओं ने चुनाव आयोग अंपायर के दिशा- निर्देशों में अपनी गेंद तो डाल दी है। 23 मई को ही निर्णय होगा कि कौन दूसरा रन बनाने में कामयाब होता है, तो कौन अपना खाता खोलने में कामयाब होगा। बात जयसिंहपुर विधानसभा की जाए, तो यहां कांग्रेस व भाजपा का मुकाबला है, जिसमें जहां भाजपा विधायक रवि धीमान को अपनी जीत की बढ़त बनाई रखनी है, वहीं  कांग्रेस  के पूर्व विधायक यादविंद्र गोमा  अपनी मौजूदगी बनाए रखने की  फिराक में हैं, जबकि  अन्य  भी शून्य पर आउट  नहीं होना चाहती। फैसला ईवीएम पिटारे में है, जो 23 मई  को ही खुलेगा। हालांकि कांग्रेस प्रदेश के साथ क्षेत्र में जनविरोधी नीतियों का खुलासा कर बढ़त व जीत का दावा कर रहे है। साथ विधायक रवि धीमान विकास की बात कह कर जीत का दावा कर रहे हैं। चौक चौराहों में  चुनावी  आंकड़ोंे का आकलन में लोगों में वाद-विवाद के साथ चर्चा जारी है व बेसब्री से नतीजों का  इंतजार किया जा रहा है। क्षेत्र में राजनीति गरमा रही है व लोग यह कहते सुने जा रहे हैं। जीते कोई भी पर कटना तो मुर्गों को ही है। साथ ही ढोल नगाड़ों, बैंडबाजों  वालों ने समान सुधार लिए हैं, जो जीता भांगड़ा उसी के आंगन में होगा। बहरहाल लोकसभा सीट में बैठने का काउंटडाउन अब अंतिम चरण में है।  23 तस्वीर सामने होगी  कि किसके माथे पर राजतिलक सजेगा व नेताओं की धुकधुकी बढ़ने लगी है। नेताओं के साथ कार्यकर्ताओं का मनोबल मतदाता की चुप्पी से घटने लगा है।  अब वे सब कुछ प्रभु के हवाले छोड़कर, उसकी शरण मे पहुंचने लगे हैं। हालात यह है कि चुनावों की उत्सुकता के कारण नेता के साथ कार्यकर्ता आहत हैं। आंकड़ों के आकलन के चलते हर गली, हर चौराहे में चर्चाओं का बाजार गर्म है। सभी ने फैसला ऊपर वाले पर छोड़ दिया है । सभी दलों ने एक ही बात जुबान पर रखी है कि माथे पर राजतिलक वाला ही जीत हासिल करेगा । बहरहाल राजनीतिक दलों ने माहौल को गरमा दिया है, तो जनता जनार्दन भी विचार-विमर्श में डूब गई है कि कौन  सांसद  बनेगा, जबकि नेता गण आंकड़ों को देखते ही जीत का ख्वाब देख रहे हैं ।ंं

 

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