कुनेड़ पंचायत आज भी पैदल

चंबा—भरमौर उपमंडल के गैर जनजातीय क्षेत्र की कुनेड़ पंचायत का आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद सड़क सुविधा से जुड़ने का सपना साकार नहीं हो पाया है। सड़क सुविधा न होने से कुनेड़ पंचायत विकास की दौड़ में काफी पिछड़कर रह गई है। सड़क सुविधा न होने से पंचायत के दर्जनों गांवों के लोग आज भी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं को पीठ पर लादकर ले जाने को मजबूर हैं। सरकारी स्तर पर कुनेड़ पंचायत के लिए सड़क का निर्माण की कवायद शिलान्यास रस्म अदायगी से आगे नहीं बढ़ पाई। सड़क सुविधा न होने का खामियाजा सबसे अधिक आपातकाल में भुगतना पड़ता है जब मरीज को पालकी में डालकर मुख्य मार्ग तक पहुंचाना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनावों के समय राजनेता पंचायत को सड़क सुविधा से जोड़ने के वादे करते हैं, लेकिन जीतने के बाद इलाके का रुख करना भी गंवारा नहीं समझते। ग्रामीणों ने जल्द पंचायत को सड़क सुविधा से जोड़ने को लेकर सकारात्मक कदम न उठाए जाने की सूरत में सड़कों पर उतरने की दो टूक सुना डाली है। किलोड वार्ड के जिला परिषद सदस्य ललित ठाकुर, उपप्रधान विष्णु राम व ग्रामीण पवन गायक, विष्णु, दौलतराम, रमेश शर्मा ने बताया कि कुनेड़ पंचायत के दर्जनों गांवों टिकरी, उचका, जोती, डाडल, करंटू, कलाड, बंदला व कुनेड़ सड़क सुविधा से महरूम हैं। ग्रामीणों ने सड़क सुविधा को लेकर जल्द सकारात्मक कदम न उठाए जाने की सूरत में आंदोलन की राह अपनाने की बात कही है।

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