कुल्लू अस्पताल में थायराइड टेस्ट को नो

कुल्लू—सरकार की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने में क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू का प्रबंधन लापरवाह बना हुआ है। जिससे सरकार और स्वास्थ्य विभाग की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के दावे हवाई साबित हुए  हैं तो अस्पताल प्रबंधन की अनदेखी से। यहां हैरानी की बात यह है कि लगभग एक महीने से चार जिलों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने वाले क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू की लैब में थायराइड टेस्ट करवाने की मशीन में खराबी आ गई है,  लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस मशीन को ठीक नहीं करवा पा रहा है। गर्भवती महिलाएं परेशान हैं। महिलाओं को सरकारी सुविधाएं होने के बावजूद भी पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। अकसर महिलाओं को अस्पताल में टोकन लेने के लिए पहले लंबी लाइन में खड़े होना पड़ रहा है। जब टोकन लेने के नंबर लग जाता है तो, वहां पहुंचकर यह सूचना मिलती है कि थायराइड मशीन खराब हैं, आपके निशुःल्क टेस्ट नहीं होंगे। ऐसे में सोनी, सविता नाम की गर्भवती महिला भी बिना टेस्ट बैरंग घर लौटी। गर्भवती महिला को महीने बाद यह टेस्ट करना पड़ता है। ऐसे में या तो महिलाएं बैरंग घर लौट रही है या तो उन्हें निजी लैब में जाकर 150 से लेकर 300 रुपए खर्च कर टेस्ट करवाना पड़ रहा है। जिस तरह से मशीन ठीक नहीं करवाई जा रही है, ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि कहीं अस्पताल प्रबंधन की निजी लैब के साथ सांठ-गांठ तो नहीं है। जिस कारण सरकारी मशीन को दुरुस्त करवाने में ढील बरती जा रही है। बताया जा रहा है कि थायराइड के टीएसएच टेस्ट के लिए निजी लैब में 150 रुपए और टीएफटी टेस्ट के 300 रुपए  खर्च कर टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार अभी अगले पांच-पांच दिनों तक अस्पताल में थायराइड मशीन ठीक होने की कोई संभावना नहीं है। इससे साफ  जाहिर है कि मरीजों को अब मजबूरी में निजी लैबों में थायराइड के टेस्ट करवाने होंगे। उधर,डा. भारत भूषण एमएस क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू का कहना है कि  मैने हाल ही में अस्पताल में ज्वाइंन किया है। मशीन के बारे में जानकारी हासिल की जाएगी। अगर खराब है तो इसे ठीक किया जाएगा।

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