कुल्लू से क्यों ‘रूठे’ हैं नेता-अभिनेता!

देवभूमि में अभी तक बड़े नेताओं के न आने से ठंडा पड़ा चुनावी माहौल

 कुल्लू  —देवभूमि कुल्लू आने के लिए हर कोई तरसता है। फिर चाहे वह सैर-सपाटा करने की बात हो या फिर चुनावी जनसभाएं। बड़े नेता भी कुल्लू आकर अपने आप को गौवान्वित महसूस करते हैं, लेकिन इस बार के लोकसभा चुनाव में किसी की भी कोई खास रुचि नहीं दिख रही है। अंतिम चरण के मतदान को मात्र पांच दिन शेष बचे हैं, लेकिन अभी तक कुल्लू जिला में किसी भी बड़े नेता की जनसभा नहीं हो पाई है। हालांकि चुनाव प्रचार से पहले दोनों दलों के नेताओं ने बड़े नेताओं सहित बालीवुड कलाकारों के भी कुल्लू आने की बात कही थी, लेकिन अभी तक ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिल पाया है। फिलहाल मुख्यमंत्री ने कुल्लू सहित लाहुल-स्पीति व पांगी में भी स्वयं ही मोर्चा संभाल रखा है। दूसरी ओर कांग्रेस ने भी कई बड़े कलाकारों व राजनेताओं के आने की बात तो की थी, लेकिन अभी तक किसी ने कुल्लू में कोई बड़ी रैली नहीं की है। इससे कार्यकर्ताओं को जोश भी यहां हाई के बजाय फिलहाल लो ही दिख रहा है। चुनावी माहौल के बीच में कई नेता शादी-विवाह में व्यस्त हैं। ऐसे में देवभूमि कुल्लू में किसी भी राजनीतिक दल का बड़ा नेता चुनाव प्रचार को नहीं पहुंचा है। कई जगह पर तो प्रत्याशियों ने भी कुल्लू की जनता ही नहीं, बल्कि मीडिया से दूरी बनाए रखी है। बीते वर्षों की बात करें तो सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नितिन गडकरी, स्मृति ईरानी, राज बब्बर जैसे कई नेता यहां रैली कर चुके हैं, लेकिन लोकसभा चुनाव में इस बार कुल्लू में दोनों की दल के नेता अभी तक बड़ी रैली करने को लेकर कोई खास रुचि लेते नहीं दिख रहे हैं। बीते दिनों में कुल्लू में भाजपा की ओर से बड़ी रैली की चर्चा जरूर हुई थी, लेकिन नेता फाइनल न होने के चलते यह योजना भी अभी ठंडे बस्ते में ही है। वहीं, कांग्रेस कांग्रेस की ओर से भी अभी कोई बड़ी रैली यहां फाइनल नहीं हो पाई है। इस बार राजनेताओं से अधिक जिला प्रशासन मतदान को लेकर जागरूक चल रहा है। फिलहाल यहां राजनीतिक पार्टियां खास सक्रिय अवस्था में नहीं हैं। हालांकि मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर व विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ही यहां तेजी से चुनाव प्रचार में जुटे हुए नजर आ रहे हैं।

 

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