केंद्र ने लिट्टे पर प्रतिबंध पांच साल बढ़ाया

गृह मंत्रालय ने प्रतिबंधित लिबरेशन ऑफ टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) पर लगा प्रतिबंध पांच साल के लिए और बढ़ा दिया है।
यहां जारी अधिसूचना में कहा गया कि केंद्र सरकार ने गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम-1967 के तहत लिट्टे को गैरकानूनी संगठन करार दिया है तथा लिट्टे पर प्रतिबंध पांच साल के लिए बढ़ा दिया गया है , जो 14 मई 2019 से प्रभावी होगा। गृह मंत्रालय ने कहा है कि केंद्र सरकार का मानना है कि लिट्टे एक गैरकानूनी संगठन है और सभी संभावित उपायों के तहत ऐसी अलगाववादी गतिविधियों पर नियंत्रण की आवश्यकता है।अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि लिट्टे की निरंतर हिंसक और विघटनकारी गतिविधियां देश की अखंडता और संप्रभुता के अलावा नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बना हुई हैं। गृह मंत्रालय ने अधिसूचना में कहा है कि श्रीलंका में मई, 2009 में अपनी सैन्य हार के बाद भी लिट्टे ने ‘ईलम’ (तमिलों के लिए अलग राज्य) की अवधारणा को नहीं छोड़ा है और दुष्प्रचार की गतिविधियों के साथ ही धन जुटाने के काम में लगा हुआ है। इसके साथ ही लिट्टे ने अपने शेष नेताओं और बिखरे हुए कार्यकर्ताओं को फिर से संगठित करने और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठन को फिर से सक्रिय करने का प्रयास शुरू किया है। उल्लेखनीय है कि 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के तत्काल बाद देश में लिट्टे पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

 

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