कोटलाकलां पहुंचा शांति मार्च

ऊना -तिबेतन महिला संघ द्वारा 11वें पंचेन लामा की रिहाई और उनकी दीर्घायू की कामना करते हुए मैक्लोडगंज से शांति मार्च शुरू किया है। यह मार्च चंडीगढ़ से होते हुए दिल्ली तक रवाना होगा। बुधवार को यह मार्च कोटला कलां स्थित राधा-कृष्ण मंदिर कोटला कलां पहुंचा। जहां राष्ट्रीय संत बालजी महाराज ने इस शांति मार्च में शामिल प्रतिनिधियों का स्वागत किया। संघ की उपाध्यक्ष केलसंग यूडिन ने बताया कि 25 अप्रैल 1989 को जन्मे गेदेन च्यूकी नीमा को वर्ष 1995 में 14 मई को छह वर्ष की आयु में दलाई लामा द्वारा 11वें पंचेन लामा की मान्यता दी। जबकि इसके मात्र तीन दिन बाद चीन ने उनका अपहरण कर लिया। वहीं, तब से लेकर आज तक 11वें पंचेन लामा का कोई भी अता-पता नहीं चल सका है। पिछले 24 सालों से संबंधित लोग और मानवाधिकार इकाईयां चीनी सरकार से पंचेन लामा को मुक्त करने की प्रार्थना कर चुकी हैं, लेकिन उनकी मौजूदगी और कुशलक्षेम के बारे में कोई सूचना नहीं है। इस मौके पर सिरिंग योंग, केलसंग यंग्वे, दावा हामो, सिलेन डोलमा, झंपा शेटुंग, सिरिंग डोकर, चोसंग, क्वांग च्यूकी समेत दर्जनों लोग और स्थानीय स्वागतकर्ताओं में आशुतोष लखनपाल, भूदेव, वासूदेव शर्मा समेत अन्य लोग भी मौजूद रहे।

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