कोमा में पति, तो संपत्ति बेच सकती है पत्नी

बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिया बीवी को गार्जियन नामित करने का आदेश

मुंबई – बॉम्बे हाई कोर्ट ने छह साल से कोमा में पड़े एक डाक्टर की पत्नी को गार्जियन नियुक्त किया है, जिससे वह पति की कुछ संपत्तियों को बेच सके। महिला ने मेडिकल बिल और बच्चों की पढ़ाई के खर्च का हवाला देते हुए पति को गार्जियन बनाए जाने की अपील की थी, जिससे वह अपनी कुछ प्रॉपर्टी बेच सके। महिला की अपील के बाद कोर्ट के निर्देश पर पिछले महीने नायर हास्पिटल के डीन ने कोमा में पड़े शख्स की स्थिति का आंकलन करने के लिए न्यूरोलॉजिकल एक्सपर्ट्स की टीम को नियुक्त किया था। कोर्ट में पेश रिपोर्ट के अनुसार मस्तिष्क की निष्क्रिय स्थिति बनी हुई है। रोजमर्रा की जरूरतों के लिए उन्हें चौबीसों घंटे सहायता की आवश्यकता है और खुद से कोई भी निर्णय नहीं ले सकते हैं। महिला ने वकील के माध्यम से दायर याचिका में कहा कि पति के नाम पर दहिसर और भयंदर में आवासीय और कमर्शल प्रॉपर्टी है। इसके साथ ही बैंक अकाउंट्स भी है। संपत्तियों को बेचकर परिवार की वित्तीय मदद होगी और दो बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी उठेगा। कोर्ट ने आदेश में कहा कि 2013 से ही महिला के पति बिस्तर पर पड़े हुए हैं। उनकी सेवा के लिए एक अलग से कमरे की जरूरत है। इस वजह से फैमिली छोटे घर से बड़े की तरफ शिफ्ट करना चाह रही है, जो जरूरी भी है। पत्नी को पति का गार्जियन नामित किया जाता है। इसके साथ ही कोर्ट ने नायर हास्पिटल को भी डोनेशन देने का निर्देश दिया।

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