क्षमता से बाहर हिमाचल के कारागार

पालमपुर-प्रदेश की जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदी ठूंसे जा रहे हैं। जेलों में कैदियों की क्षमता और मौजूद कैदियों की संख्या के आधार पर प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर 10वें पायदान पर खड़ा है। प्रदेश की 14 जेलों में आक्यूपेंसी दर राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है। राष्ट्रीय स्तर पर जारी किए वर्ष आंकड़ों में जेलों की आक्यूपेंसी दर जहां 2015 के 114.4 प्रतिशत से कम होकर 113.69 प्रतिशत रही है, वहीं 2016 में प्रदेश में यह दर 110.7 से बढ़कर 116.6 फीसदी तक जा पहुंची है। दिसंबर, 2016 में देश भर की जेलों में उपलब्ध 380876 कैदी रखने की क्षमता थी, वहीं जेलों में 433003 कैदी मौजूद थे। प्रदेश में 14 जेलों में 1880 की क्षमता के बावजूद 2192 कैदी रखे गए थे, जिनमें 2119 पुरुष और 73 महिलाएं थीं। जेलों की क्षमता और उनमें रखे गए कैदियों की संख्या के आधार पर दादर और नगर हवेली के हालात सबसे दयनीय रहे, जहां पर आक्यूपेंसी दर 200 प्रतिशत रही। इस केंद्र शासित प्रदेश में एक जेल है, जहां पर 60 कैदी रखे जा सकते हैं, लेकिन साल 2016 के अंतिम आंकड़ों में यहां पर 120 कैदी मौजूद थे। छत्तीसगढ़ में भी कैदियों की स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां के 28 कारागारों में 9812 कैदियों की जगह होने के बावजूद 18631 कैदी ठूंसे गए थे और आक्यूपेंसी दर 189.86 दर्ज की गई। देश की राजधानी दिल्ली के कैदियों के हालात भी अच्छे नहीं रहे और 179.82 की आक्यूपेंसी दर के साथ दिल्ली तीसरे स्थान पर रही। दिल्ली की दस जेलों में 7818 कैदियों को रखा जा सकता है, लेकिन गत साल की अंतिम रिपोर्ट में यह आंकड़ा 14058 रहा। कैदियों की संख्या के आधार पर उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा, जहां पर 31 दिसंबर, 2016 को कैदियों की कुल संख्या 95336 रही। बावजूद इसके यूपी की जेलों की आक्ूयपेंसी दर दिल्ली से बेहतर पाई गई। यूपी की 67 जेलों में 58111 कैदी रखे जा सकते हैं और यहां गत साल आक्यूपेंसी दर 164.06 रही। कैदियों की संख्या के आधार पर मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर रहा, जहां 37649 का आंकड़ा देख गया और यहां पर आक्यूपेंसी दर 136.03 प्रतिशत रही। राष्ट्रीय स्तर पर जेलों में आक्यूपेंसी दर का ग्राफ चार वर्षों से नीचे आ रहा है।

इन राज्यों में इतने कैदी

प्रदेश      क्षमता      कैदी       आक्यूपेंसी दर

दादर नगर हवेली     60         120        200.00

छत्तीसगढ़  9813      18631     189.86

दिल्ली     7818      14058     179.82

यूपी        58111     95336     164.06

मध्य प्रदेश 27677     37649     136.03

मेघालय    630        833        132.22

सिक्किम   246        324        131.71

उत्तराखंड  3378      4200      124.33

महाराष्ट्र   26303     31438     119.52

हिमाचल प्रदेश        1880      2192      116.6

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