खराब खान-पान ने बिगाड़ी सेहत

जलजनित बीमारियों की चपेट में प्रदेश, हर रोज अस्पताल में बढ़ रही कतारें

शिमला  – प्रदेश के अस्पतालों में जलजनित रोगियों का ग्राफ एकाएक बढ़ गया है, जिसमें अब हर जिला में अस्पतालों में प्रतिदिन पंद्रह से बीस मामले सामने आने लगे हैं। खराब खान-पान की वजह से ये लोग बीमार पड़ रहे हैं, जिसमें बच्चों की संख्या ज्यादा है। लिहाजा प्रदेश के स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक अस्पतालों में जलजनित रोगों से निपटने के लिए डाक्टरों के एक विशेष दल का गठन किया जा रहा है। राज्य में जलजनित रोगों पर पकड़ जमाने के लिए आयुर्वेद और स्वास्थ्य विभाग ने गाइडलाइन भी जारी की है, जिसमें जनता को जहां साफ खान-पान की हिदायतें जारी की गई हैं, वहीं सभी आयुर्वेद अस्पतालों में जलजनित रोगों के लिए जीवनरक्षक दवाआें का पूरा स्टॉक रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। देखा जाए, तो प्रदेश के सभी जिलों में छोटे-बड़े अस्पतालों में भी अब जलजनित रोगों के मामले आने लगे हैं, जिसमें सभी जिलों में प्रभावितों को अस्पतालों में इलाज करवाते भी देखा जा रहा है। प्रतिदिन प्रदेश के जिला और सिटी अस्पतालों में डेढ़ सौ से अधिक केस जलजनित रोगों से प्रभावित होकर आ रहे हैं। शिमला में ही शुक्रवार को जलजनित प्रभावितों के आंकड़ों पर गौर करें, तो 11 मामले जलजनित रोगों के प्रभाव में आए हैं। जो केस शिमला आ रहे हैं, उसमें बासी खाना खाने की वजह से ये लोग बीमार पड़े हैं। आईजीएमसी, डीडीयू और केएनएच में प्रभावित पहुंच रहे हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो राजधानी में अभी सबसे ज्यादा बच्चों को डायरिया ने जकड़ लिया है। यहां दो दिन में 15 बच्चे डायरिया की चपेट में आ गए हैं। इन प्रभावितों का डीडीयू और आईजीएमसी में इलाज करवाया गया है। लिहाजा डाक्टरों ने खान-पान में स्वच्छता बरतने और विशेषकर बच्चों के खान-पान पर ध्यान देने के निर्देश जारी किए हैं।

सुन लें! उबाल कर ही पिएं पानी

आयुर्वेद विभाग ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग ने भी यह साफ किया है कि अब गर्मियां आ गई हैं। इसके लिए जनता को भी अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग ने यह भी गाइडलाइन जारी की गई है कि पानी उबालकर ही पीएं।

You might also like