खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

नहीं चला सीएम अरविंद केजरीवाल का दिल्ली मॉडल

चंडीगढ़ -हरियाणा में लोकसभा चुनाव के दौरान कई राजनीतिक समीकरण बने, लेकिन चुनाव परिणाम ने यह साफ कर दिया है कि हरियाणा के लोग नए राजनीतिक तजुर्बों को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं है। हरियाणा में अगला विधानसभा चुनाव फिर से भाजपा बनाम कांग्रेस होने के साफ संकेत आज के परिणाम ने दे दिए हैं। हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान इनेलो से अलग होकर अस्तित्व में आने वाली जननायक जनता पार्टी ने चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन किया। जजपा ने सात व आप ने तीन सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए लेकिन कहीं भी कामयाबी नहीं मिली। इस गठबंधन ने प्रचार के दौरान हरियाणा में दिल्ली मॉडल को उभारने का प्रयास किया। जजपा एकमात्र ऐसा राजनीतिक दल था जिसने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी किया था, लेकिन हरियाणा के लोगों ने न तो दिल्ली मॉडल को स्वीकार किया और न ही जजपा के घोषणा पत्र को गौर से पढ़ा। जिसके चलते यह गठबंधन केवल हिसार में ही अपनी अच्छी उपस्थिति दर्ज करवा पाया है।

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