गढ़ पहुंचा कृपाल कूहल का पानी

बरसों बाद कूहल में पानी देख ग्रामीणों के चेहरे पर रौनक, महकमे ने किया निरीक्षण

पालमपुर -कई वर्षों से सूखे की मार झेल रही किसानों की जीवन रेखा कहलाए जाने वाली कृपाल चंद कूहल का पानी काफी मशक्कत के बाद अंतिम छोर गढ़ गांव में पहुंच गया।  कूहल को अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए आईपीएच विभाग पालमपुर पिछले एक वर्ष से लगातार प्रयास कर रहा था। हालांकि केदारा गांव तक कूहल का पानी पहले से ही चलाया जा रहा था। महकमे के अधिशाषी अभियतां संजय ठाकुर व उनकी टीम ने स्वंय सोमवार को कूहल का निरीक्षण किया। कृपाल चंद कूहल का पानी अपने अंतिम गतंव्य गांव गढ़ तक पहुंचने से किसानों, पशु पालकों और सब्जी उत्पादकों के चेहरों पर रौनक आ गई है। किसानों का कहना है कि उन्हें याद नहीं कि कूहल का पानी गढ़ गांव में कितने सालों बाद पहुंचा। गढ़ के किसान अशौक शर्मा, अरुण कुमार, अजय शर्मा, मिलाप चंद गुलेरिया, जौगिन्द्र चौहान, बृज लाल घारिया, सतीश कुमार, घुंघर राम, रमेश चंद ने कहा कि कृपाल चंद कूहल में पानी आने से अब किसानों के खेत सूखे की मार नहीं झेलेंगे। विभाग के अधिशाषी अभियंता संजय ठाकुर ने कहा कि बड़े साइज की पाइप का पानी अब सीधे गढ़ गांव पहुंचा करेगा। पिछले दिनों ही इस स्कीम का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने किया था। संजय ठाकुर ने कहा कि बड़े व्यास की पाइप से गढ़ से किसानों को काफी लाभ मिलेगा। श्री ठाकुर ने कहा कि बिना लोगों की सहभागिता से कोई भी काम आसानी से नहीं किया जा सकता। लोग कूहल को साफ-सुथरा रखने में सहयोग करें।

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